नई दिल्ली: पानीपत को टोल फ्री करने की मांग को लेकर करनाल से भाजपा सांसद अश्विनी कुमार ने आज केंद्रीय भूतल परिवहन एवं पोत परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से भेंट की और उन्हें पानीपत टोल प्लाजा पर क्षेत्र के निवासियों और पानीपत के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को हो रही समस्या से मुक्त करने का आग्रह किया। इस पर श्री गडकरी, मंत्रालय में सचिव रणवीर मलिक, संयुक्त सचिव और पानीपत के डीसी डा. चन्द्रशेखर और पानीपत फ्लाईओवर का निर्माण करने वाली कम्पनी लार्सन एंड टुब्रो के अधिकारियों के साथ बैठक की। विचार-विमर्श के बाद तय किया गया कि इस संबंध में एक नीति बनाई जाएगी।
पिछले कुछ दिनों से टोल फ्री मंच पानीपत टोल फ्री पानीपत अभियान चलाए हुए था। मंच से जुड़े गौरव लीखा ने बताया कि पानीपत शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लोग इस फ्लाईओवर का इस्तेमाल नहीं करते, उन्हें फिर भी टोल प्लाजा पर 30 रुपए आने के और 30 रुपए जाने के देने पड़ते हैं। उनसे जोर-जबर्दस्ती की जाती थी। टोल प्लाजा को ऑपरेट भी एल एंड टी ही करती है। टोल फ्री मंच ने इस संबंध में पानीपत से विधायक रोहिता रेवड़ी, पानीपत ग्रामीण से विधायक महिपाल ढांडा को ज्ञापन दिया। टोल फ्री मंच ने सांसद अश्विनी कुमार से संपर्क किया और अपनी समस्या बताई। अश्विनी कुमार ने टोल प्लाजा पर आकर लोगों की समस्याएं भी सुनी थीं। टोल फ्री मुहिम को पंच-सरपंचों, ग्रामीण आबादी, पानीपत शहर के सभी पार्षदों, व्यापारिक और धार्मिक संगठनों का समर्थन मिला।
एक दिन टोल प्लाजा वालों ने टोल प्लाजा के समानांतर चल रही सड़क को बन्द कर दिया तब लोगों ने उस सड़क को फिर खोल दिया था। अश्विनी कुमार ने टोल प्लाजा को ऑपरेट कर रही एल एंड टी से बातचीत की और उन्होंने कहा कि जब तक समस्या का कोई समाधान नहीं होता तब तक इसे छेड़ा न जाए। इन सभी समस्याओं को लेकर सांसद महोदय ने नितिन गडकरी से बातचीत की और उन्हें समस्या के हर पहलू से अवगत कराया। नितिन गडकरी ने आश्वासन दिया कि मसले का हल निकाला जाएगा और कोई नीति तय की जाएगी। प्राय: होता यह है कि टोल प्लाजा के निकटवर्ती क्षेत्रों की आबादी से टोल नहीं लिया जाता, उनको पास बनाकर दिए होते हैं।


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