मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार में खतरे में आ चुकी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ 22 कांग्रेस विधायकों ने भी इस्तीफा दिया। अब भाजपा भी अपने विधायकों को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को राजनीति का धुरंधर खिलाड़ी माना जाता है, लिहाजा भाजपा ने भी अपने सभी विधायकों को गुरुग्राम स्थिति एक होटल में शिफ्ट कर दिया है।
इससे पहले मंगलवार को प्रदेश का राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला। ज्योतिरादित्य सिंधिया के राजनीतिक रंग बदल गए हैं। सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और अब वे भाजपा का दामन थामने जा रहे हैं। सिंधिया के इस्तीफे के बाद 22 कांग्रेस विधायकों ने भी पार्टी से किनारा कर लिया है। एक तरफ जहां कमलनाथ सरकार पर खतरा मंडरा रहा है, तो वहीं भाजपा सरकार बनाने के लिए कदम आगे बढ़ाती दिखाई दे रही है।
कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए देश भर में सावधानी पूर्वक मनाई गई होली
सरकार बनाने के लिए जोड़-तोड़ शुरू हो गया है। लिहाजा अपने विधायकों को टूटने से बचाने के लिए मध्यप्रदेश भाजपा उन्हें लेकर हरियाणा के गुरुग्राम स्थित आईटीसी ग्रैंड भारत पहुंची है। भाजपा दो बसों में अपने विधायकों को लेकर मंगलवार रात करीब 9.30 बजे रवाना हुई थी।


Download Android App
Download iOS App



