चंडीगढ़: हरियाणा की मनोहर सरकार के लिए 10 जुलाई को अगिन परीक्षा की कड़ी है। मुख्य विपक्षी दल इंडियन नैशनल लोकदल द्वारा पंजाब से सटी सीमा सील करने के मुद्दे पर सत्तारूढ दल भाजपा व विपक्षी दल इनेलो आमने सामने हो गए। राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जहां सख्ती से पेश आने को कहा वही इनेलो अपने रूख पर कायम है। दूसरी तरफ पंजाब सरकार भी इनेलो की इस घोषणा को लेकर काफी गंभीर है और पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए उचित कदम उठाने के लिए कहा गया है। आज भी दोनो राज्यो के पुलिस अधिकारियों ने ताजा स्थिति को लेकर बात की। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने एसवाईएल के मामले पर कहा कि इनेलो राजनीति कर रही है और वह बहती गंगा में हाथ धोना चाहती है। इनेलो और कांग्रेस के पास आज कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए ये दोनों पार्टियां किसानों व एसवाईएल की आड़ में केवल अपनी राजनीतिक जमीन को बचाए रखना चाहती हैं।
उन्होंने कहा कि परसों 11 जुलाई को एसवाईएल मामले की उच्चत्तम न्यायालय में सुनवाई होनी है जिसके हरियाणा के हित में फैसला आने की उम्मीद है और इनेलो इससे एक दिन पहले 10 जुलाई को बार्डर सील करने के नाम पर ड्रामा कर रही है। उन्होंने इनेलो से पूछते हुए कहा कि क्या सडक़ों पर चल रही गाडिय़ों को रोकने से एसवाईएल का पानी मिल जाएगा। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के वरिष्ठ नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि इनेलो द्वारा कल पंजाब से हरियाणा में आने वाले सभी वाहनों को रोकने संबंधी कार्यक्रम की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। एसवाईएल नहर को बनवाने के लिए चलाए गए अभियान के इस दौर को सफल बनाने के साथ-साथ उसके शांतिपूर्वक संचालन के निश्चय को भी उन्होंने दोहराया।
नेता विपक्ष ने यह भी बताया कि पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पंजाब से आने वाले यात्रियों को भेंट करने के लिए फूलों के भी सभी प्रबंध कर लिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता यात्रियों को फूल भेंट करने के पश्चात उनसे आग्रह करेंगे कि वे अपने प्रदेश में जाकर अपनी सरकार पर यह दबाव बनाए कि वह शीघ्र से शीघ्र सतुलज यमुना लिंक नहर के कार्य को पूरा कर हरियाणा को उसके हिस्से का नदियों का जल देने में कोई रुकावट न डाले।
(आहूजा)


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