बहादुरगढ़ : पिछले पांच साल से कदम कदम पर भाजपा ने प्रदेश के लोगों को बेइज्जत करने का काम किया है। हरियाणा के लोगोंं की इससे ज्यादा बेइज्जत ओर क्या होगी कि भाजपा सरकार द्वारा बिजली बोर्ड में भर्ती किए गए 80 एसडीओ से हरियाणा के केवल दो है जबकि 78 अन्य प्रांतों के रहने वाले हैं। जिसके बाद भाजपा के मुंह से बिना भेदभाव और भ्रष्टाचार का शब्द अच्छा नहीं लगता। यह बात यहां एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कही।
उन्होंने कहा कि जिस प्रांत के इंजीनियर पास बच्चों को चपडासी लगाया गया हो यह उस प्रदेश के पढेलिखे बच्चों की ही नहीं बल्कि हरियाणा प्रदेश की बेइज्जती है और कम पढलिखे बच्चों के नौकरियों में हक को छीन कर इंजीनियर और डाक्टरों को दे दिया हो उससे ज्यादा इस प्रदेश के युवओं की ओर क्या बेइज्जती हो सकती है। नौकरियों के लिए दस दस लाख का पेपर बिका क्या सरकार को पता नहीं। बैगर इन्टरव्यू के नौकरी क्या आज तक कहीं दी गई मगर भाजपा सरकार ने हर तरह के कानून को ताक पर रख कर 18000 नौकरी दी।
कांग्रेस सरकार में घर पर बैठे बुजुर्गो को पैंशन मिलती थी अब अस्सी साल के बेचारी बुजुर्ग महिला और पुरुष बुढापा पैंशन के लिए दो दो घंटे तक बैंक में लगी लाइन में खडा रहना पहडता है इससे ज्यादा बुजुर्गो की ओर क्या बेइज्जती होगी। मगर मेंरे प्रांत के बुजुर्गो ओर युवाओं घबराओ मत , बस बार कांग्रेस को जीता दो घर पर चारपाई पर बैठै बुजुर्गो को पैंशन मिलेगी। बुजुर्ग पति पत्नी को हर महीने घर पर चारपाई पर दस हजार 200 रुपए मिलेगे। पैंशन 5100 देंगे। उन्होंने कहा कि अब एक जोटा मार दो इससे बढिया मौका फिर नहीं मिलेगा।
हरियाणा में आप की सरकार होगी और जिस तरह से पांच साल पहले हरियाणा नम्बर था उसी तरह से हरियाणा फिर नम्बर वन पर होगा। वीरवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्रसिंह हुड्डा भाजपा सरकार पर बहुत ही आक्रामक तेवर में दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि जो मुख्यमंत्री कांग्रेस के घोषणा पत्र को भाजपा के घोषणा पत्र की नकल बता रहे हैं उन्हे तो यह भी पता नहीं कि घोषणा पत्र क्या होता है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को अगर यह पता होता कि घोषणा पत्र क्या होता है तो वह 2014 में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही सबसे पहले अपने घोषणा पत्र पर अमल करते मगर भाजपा ने तो अपने 2014 के घोषणा पत्र को सत्ता हथियाते ही ऐसी जगह पर छिपा दिया जहां से उसे कोई ढूढ न कसे।
आज भाजपा को तो घोषणा पत्र जारी करने का भी अधिकार नहीं क्योंकि उसके पुराने घोषणा पत्र की एक भी शर्त पूरी नहीं की । भाजपा ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का वायदा कर किसानों के साथ झूठा वायदा कर उनके वोट हथियाए मगर पांच साल में रिपोर्ट लागू नहीं की गई। एसवाईएल पर भाजपा ने आज तक मुंह नहीं खोला। पांच साल में एक भी गरीब आदमी को सौ गज का प्लाट तक नहीं मिला। पूरे हरियाणा में एक र्इंच मेटो नहीं बढी। एक ईंच रलवे लाइन नहीं बढी और एक ईंच नहर की खुदाई नहीं हुई इसलिए भाजपा का तो हरियाणा में वोट मांगने का भी अधिकार नहीं।


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