चंडीगढ़ : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का हरियाणा दौरा प्रदेश सरकार के लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं होगा। जाट आरक्षण संघर्ष समीति के बाद गैस्ट टीचरों ने भी अमित शाह के दौरे का विरोध करने का ऐलान कर दिया है। जिसके चलते इस कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा। भाजपा द्वारा अमित शाह की जींद रैली को मोटरसाइकिल रैली का नाम दिया गया है। इस रैली में प्रदेश भर से एक लाख मोटरसाइकिलों के शामिल होने की तैयारी की जा रही है।
मोटरसाइकिल सवार भाजपा के कार्यकर्ता प्रदेश के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों से जींद पहुंचेगे। ऐसे में जाट आरक्षण संघर्ष समीति ने भी रैली के समानांतर भाईचारा न्याय यात्रा का समापन एक रैली के माध्यम से जींद में करने का ऐलान कर दिया है। 15 फरवरी को एक तरफ अमित शाह का मंच लगेगा तो दूसरे तरफ जाट आरक्षण संघर्ष समीति द्वारा अपना मंच लगाकर सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली जाएगी।
जाटों ने ऐलान किया है कि 15 फरवरी को अगर किसी भी यात्री को रोका तो वह वहीं पर डेरा डाल लेंगे। यहीं से कानून-व्यवस्था बिगडऩे का खतरा पैदा हो गया है। जाटों ने यह ऐलान प्रदेश तथा केंद्र सरकार पर 19 मार्च 2017 को सरकार और संघर्ष समिति के बीच हुए समझौते को लागू न किए जाने के रोष स्वरूप किया है। यह समझौता हरियाणा में 50 दिन तक चले जाट आंदोलन के बाद हुआ था।
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(राजेश जैन)


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