हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रही प्रदेश सरकार : रोडवेज

Summary :

सरकार प्रदेश के विभिन्न डिपुओं में खड़ 1472 बसें ठीक कर इन्हें सड़कों पर उतारने के वजाय कथित तौर पर 700 बसें महंगी दरों पर किराये पर लेने पर उतारू है।

हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि वह प्राईवेट ऑपरेटरों से बसें किराये पर लेने को लेकर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर कर्मचारी वर्ग को आंदोलन के लिए उकसाने का प्रयास कर रही है। कमेटी के वरिष्ठ सदस्य दलबीर किरमारा, रमेश सैनी, इंद, बधाना और सरबत सिंह पूनिया ने आज यहां जारी एक बयान में आरोप लगाया सरकार प्रदेश के विभिन्न डिपुओं में खड़ 1472 बसें ठीक कर इन्हें सड़कों पर उतारने के वजाय कथित तौर पर 700 बसें महंगी दरों पर किराये पर लेने पर उतारू है।

इन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले के खिलाफ रोडवेज कर्मचारियों ने 18 दिन तक हड़ताल की जिसका उच्च न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त करवाई। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हुए हड़ताल समाप्त कर दी लेकिन सरकार ने न्यायालय के आदेशों की कथित तौर पर अवहेलना करते हुए फिर से 190 बसें किराये पर लेने की अधिसूचना जारी कर दी।

इन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न डिपुओं में 1472 बसें खराब खड़ हैं। सरकार अगर इनकी मरम्मत कराने के बाद इन्हें चलाए तो जनता को अच्छी सुविधा मिलेंगी वहीं विभाग का घाटा भी पूरा होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ताजा कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया जाएगा। इन्होंने उच्च न्यायालय से भी सरकार को ऐसे फैसले लेने से रोकने की अपील की।

Desk Team