करनाल : जगमग गांव योजना को लेकर गांव घौघड़ी पुर स्थित पंचायत भवन परिसर में लगातार तीन दिनों तक चली। पंचायत में जगमग योजना का सामुहिक तौर पर बहिष्कार कर दिया गया। इससे पूर्व अधिकांश समुदाय के लोगों ने शिरकत करते हुए इस मुद्दे पर खुली चर्चा की। तीसरे दिन आयोजित पंचायत की अध्यक्षता गांव के वृद्व किसान रामस्वरूप ने की। आज सभी ग्रामीणों और पंचों द्वारा मंथन करने के बाद बनी सहमति के अनुसार अध्यक्ष रामस्वरूप ने जगमग योजना का बहिष्कार करने की घोषणा की। पंचायत में उपस्थित सभी बिरादरियों के पंचों व ग्रामीणों ने अपने हाथ उठाकर इस घोषणा का अनुमोदन कर दिया।
श्याम सिंह मान, राजबीर सिंह प्रजापति, ओमप्रकाश रोहिल्ला, रघबीर सिंह, परमाल सिंह, जोगिंद्र सिंह मान, राजपाल मान, धर्मपाल कश्यप, हुकमचंद कश्यप, जयपाल शर्मा, सतबीर मान सहित कई ग्रामीणों ने संबोधित किया। योजना के विरोध किए जाने संबंधित एक प्रस्ताव भी पारित किया गया। जिसे जल्द ही क्षेत्र के संबंधित बिजली निगम के उपमंडल अधिकारी को सौंपा जाएगा। भारतीय किसान यूनियन प्रदेशाध्यक्ष रतनमान को पंचायत के बीच बुला कर ग्रामीणों ने इस फैसले से अवगत करवाते हुए जगमग योजना को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन को समर्थन देने का भरोसा दिलाया।
मौजूदा मुख्यमंत्री मनोहर लाल एक सहनशील व्यक्तितव के धनी है। मान ने कहा कि जब तक भाजपा सरकार किसान मजदूर की आय को दौगुना नही करती तब तक सरकार द्वारा लागू की जा रही मंहगी इस योजना को किसी भी कीमत पर स्वीकार नही किया जा सकता। क्योंकि ग्रामीण अंचल में बसने वाले किसान मजदूर की आर्थिक स्थिति ठीक नही है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर योजना को कहीं भी जब्री लागू करने के प्रयास किए गए तो परिणाम गंभीर हो सकते है। इस अवसर पर चंदगी राम, देवेंद्र शर्मा, रामेश्वर मान, किशन चंद, विनोद कुमार, पूर्व पंच सुखबीर जोगी, यशबीर मान, बीरा, प्रितम सिंह, रामफल मान, राजा राम, श्याम सिंह मान, राजबीर सिंह प्रजापति, समेत कई ग्रामीण मौजूद थे।
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– हरीश


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