अपराध पर प्रभावी नियंत्रण: हरियाणा में जनवरी 2026 में अपराध दर में 8.24% की कमी, महिलाओं से दुष्कर्म सम्बन्धी मामलो में लगभग 55 प्रतिशत की ऐतिहासिक गिरावट की गई दर्ज

Women safety in Haryana

Women safety in Haryana: पंचकूला, 5 फरवरी। हरियाणा पुलिस की प्रोएक्टिव रणनीति और लक्षित अभियानों के चलते जनवरी 2025 की तुलना में जनवरी 2026 में कुल पंजीकृत अपराधों में 8.24 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। जहां जनवरी 2025 में कुल 10,115 मामले दर्ज हुए थे, वहीं जनवरी 2026 में यह संख्या घटकर 9,492 रह गई। इतना ही नहीं , दुष्कर्म मामलो में 54.55 प्रतिशत, एससी/एसटी मामलो में 32.91 प्रतिशत, डकैती में 77 प्रतिशत तथा अन्य महत्वपूर्ण अपराधों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है जो हरियाणा पुलिस की प्रोएक्टिव पुलिसिंग को दर्शाती है।

विजन-2026: सुरक्षित, भरोसेमंद और अपराध-मुक्त हरियाणा-डीजीपी

पुलिस महानिदेशक हरियाणा श्री अजय सिंघल ने अपना विजन-2026 साझा करते हुए कहा कि हरियाणा पुलिस का लक्ष्य केवल अपराध पर नियंत्रण नहीं, बल्कि एक ऐसा सुरक्षित, संवेदनशील और भरोसेमंद वातावरण तैयार करना है जहाँ प्रत्येक नागरिक—विशेषकर महिलाएं, बच्चे और कमजोर वर्ग—खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 तक हरियाणा पुलिस प्रोएक्टिव, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन और इंटेलिजेंस-आधारित पुलिसिंग को और सुदृढ़ करते हुए अपराध की रोकथाम को प्राथमिकता देगी, ताकि अपराध होने से पहले ही उस पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 तक हरियाणा पुलिस साइबर अपराध नियंत्रण, सड़क सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया और जनसंपर्क के क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों को और विस्तार देगी, ताकि हरियाणा पुलिस को और तेज़, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सके। डीजीपी ने कहा कि पुलिस-जन सहभागिता को मजबूत करते हुए विश्वास आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे समाज और पुलिस के बीच सहयोग और भरोसा और अधिक गहरा हो।

Haryana government crime data: महिला सुरक्षा और कमजोर वर्गों के लिए जीरो टॉलरेंस नीति

महिला सुरक्षा और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए डीजीपी ने कहा कि राज्य में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है, जिसके परिणामस्वरूप इन मामलों में लगभग 100 प्रतिशत डिटेक्शन रेट हासिल किया गया है। उन्होंने बताया कि बलात्कार के मामलों में 54.55 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई है, जो 99 मामलों से घटकर 45 रह गए हैं। इसके अतिरिक्त बलात्कार के प्रयास के मामलों में 14.29 प्रतिशत तथा एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत दर्ज अपराधों में 32.91 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पॉक्सो एक्ट और छेड़छाड़ के मामलों में भी लगातार गिरावट का रुझान बना हुआ है।

Haryana crime rate decline January 2026: गंभीर, हिंसक और संपत्ति से जुड़े अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण

डीजीपी ने बताया कि राज्य में गंभीर, हिंसक एवं संपत्ति से जुड़े अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, सेंधमारी में 31 प्रतिशत, चोरी में 23 प्रतिशत तथा स्नैचिंग की घटनाओं में 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसी प्रकार हिंसक अपराधों में भी उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली है, जिसमें गंभीर चोट के मामलों में 45 प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 29 प्रतिशत तथा हत्या के मामलों में 15 प्रतिशत की कमी शामिल है।

Women safety in Haryana: गैंगस्टर्स, संगठित अपराध और नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई

संगठित अपराध, गैंगस्टर्स और नशा तस्करों के विरुद्ध की गई सख्त कार्रवाई का उल्लेख करते हुए डीजीपी ने बताया कि जनवरी माह में पुलिस द्वारा 17 मुठभेड़ की गईं, जिनमें 26 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 9 इनामी बदमाश शामिल हैं। इस अवधि में कुल 9,561 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 810 जघन्य अपराधी, 450 उद्घोषित अपराधी तथा 49 इनामी बदमाश शामिल हैं। आर्म्स एक्ट के तहत 191 मामले दर्ज कर 293 गिरफ्तारियां की गईं, जिनसे 237 अवैध हथियार, 512 कारतूस तथा 20 मैगजीन बरामद की गईं।

वहीं, एनडीपीएस एक्ट के तहत 395 मामले दर्ज कर 707 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए। गैंगस्टर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 13 एलओसी अर्थात लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया तथा 162 हाई-प्रोफाइल अपराधियों का डेटा अंतर-राज्यीय एजेंसियों के साथ साझा किया गया।

Haryana News: जनसेवा, त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय पहल

डीजीपी ने हरियाणा पुलिस की जनसेवा एवं मानवीय पहलों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डायल-112 पर प्राप्त 1,15,342 कॉल्स में से 1,05,618 कॉल्स का निपटान किया गया, जिससे 92 प्रतिशत की संतुष्टि दर प्राप्त हुई। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए प्रतिदिन लगभग 5,460 पुलिसकर्मी 424 नाकों पर तैनात रहे। कड़ाके की ठंड के दौरान 15,757 जरूरतमंदों को मानवीय सहायता प्रदान की गई। सड़क सुरक्षा को लेकर 3,38,953 चालान किए गए तथा 2,413 दुर्घटना पीड़ितों को मौके पर ही त्वरित सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त साइबर अपराध, महिला सुरक्षा एवं सामाजिक जागरूकता के लिए 2,073 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 1.66 लाख से अधिक नागरिक लाभान्वित हुए।

पुलिस महानिदेशक, हरियाणा अजय सिंघल ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सुरक्षित और अपराध-मुक्त हरियाणा का निर्माण केवल पुलिस के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और नशा, साइबर अपराध व महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाने में भागीदार बनें।

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