शादी का कार्ड छपवाने में कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये एक भूल! Premanand Ji Maharaj ने बताई सबसे बड़ी ‘Wedding Card Mistake’

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Premanand Ji Maharaj on Wedding: इस वक्त शादियों का सीजन है। लोग अपने रिश्तेदारों और मित्रों को खुशियों में शामिल करने के लिए निमंत्रण-पत्र छपवाते हैं। पारंपरिक हिंदू परिवार आज भी इन शादी के कार्डों पर देवताओं की तस्वीरें छपलाते हैं। हालांकि यह परंपरा शुभ मानकर शुरू हुई थी, लेकिन आज अनजाने में इससे कहीं न कहीं भगवान का अनादर हो रहा है। इसी विषय से जुड़ा एक प्रश्न वृंदावन-मथुरा के बाबा प्रेमानंद महाराज से पूछा गया कि क्या शादी के कार्ड पर भगवान की तस्वीरें छपवानी चाहिए और ऐसी कौन सी Wedding Cards Mistakes हैं जिनका ध्यान रखना जरुरी है। Premanand Ji Maharaj Advice: प्रेमानंद महाराज ने उत्तर…

Premanand Ji Maharaj on Wedding: इस वक्त शादियों का सीजन है। लोग अपने रिश्तेदारों और मित्रों को खुशियों में शामिल करने के लिए निमंत्रण-पत्र छपवाते हैं। पारंपरिक हिंदू परिवार आज भी इन शादी के कार्डों पर देवताओं की तस्वीरें छपलाते हैं। हालांकि यह परंपरा शुभ मानकर शुरू हुई थी, लेकिन आज अनजाने में इससे कहीं न कहीं भगवान का अनादर हो रहा है। इसी विषय से जुड़ा एक प्रश्न वृंदावन-मथुरा के बाबा प्रेमानंद महाराज से पूछा गया कि क्या शादी के कार्ड पर भगवान की तस्वीरें छपवानी चाहिए और ऐसी कौन सी Wedding Cards Mistakes हैं जिनका ध्यान रखना जरुरी है।
Premanand Ji Maharaj on Wedding
Premanand Ji Maharaj on Wedding (Photo: Social Media)
Premanand Ji Maharaj Advice: प्रेमानंद महाराज ने उत्तर देते हुए कहा कि शादी का कार्ड सिर्फ कुछ समय के लिए इस्तेमाल होने वाली चीज है। विवाह समारोह समाप्त होते ही यह कागज़ लोगों के लिए रद्दी बन जाता है—कभी कूड़े में फेंक दिया जाता है या किसी कोने में पड़ा-पड़ा खराब हो जाता है। ऐसे में उस पर छपी भगवान की तस्वीर का अपमान होना तय है। भगवान का सदा सम्मान होना चाहिए और किसी भी रूप में उनका अनादर उचित नहीं है। इसलिए निमंत्रण-पत्र पर उनकी छवि का उपयोग करना ठीक नहीं माना जाता।

Premanand Ji Maharaj on Wedding: शादी के कार्ड पर क्या होना चाहिए?

Premanand Ji Maharaj on Wedding
Premanand Ji Maharaj on Wedding (Photo: Social Media)

प्रेमानंद महाराज आगे कहते हैं कि शादी के कार्ड पर केवल आवश्यक जानकारी—जैसे दूल्हा-दुल्हन का नाम, विवाह की तिथि और आयोजन स्थल—ही होनी चाहिए। पर आजकल कई लोग इन कार्डों पर भगवान शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण या सिया-राम के विवाह रूप जैसी पवित्र छवियां भी छपवा देते हैं।

लेकिन समस्या यह है कि शादी के कार्ड का उपयोग केवल एक बार होता है। उसके बाद यह रद्दी में फेंक दिया जाता है। इससे इन पर छपी दिव्य और पूजनीय छवियां कूड़ेदान में चली जाती हैं या पैरों तले आ जाती हैं, जो हमारी परंपरा के विरुद्ध है। इसी कारण समाज में यह एक तरह की विकृति माना जाने लगा है कि श्रद्धा से जुड़ी पवित्र छवियां भी कचरे में पहुंच रही हैं।

कौन हैं Premanand Ji Maharaj

Premanand Ji Maharaj
Premanand Ji Maharaj on Wedding (Photo: Social Media)
वृन्दावन के एक जाने-माने आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद जी महाराज, इनके बारे में कौन नहीं जानता। वो गुरु जो लोगों को प्रेम, भक्ति और सच्चे जीवन के मार्ग बताते हैं। जीवन के प्रति भी प्रेमानंद जी के विचार काफी स्पष्ट और सरल हैं। महाराज जी के विचार कई लोगों को प्रभावित करते हैं, देश के बड़े-बड़े सेलिब्रिटी भी उनके सत्संग में नजर आते हैं।
रोजाना कई श्रद्धालु प्रेमानंद जी महाराज से मिलने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए वृंदावन के उनके आश्रम पहुंचते हैं। सोशल मीडिया पर भी महाराज जी के प्रवचन सुनने वाले बहुत लोग हैं। अगर व्यक्ति प्रेमानंद जी द्वारा बताई गई बातों को अमल कर ले तो वह जीवन में सफलता को प्राप्त कर सकता है।

Premanand Ji Maharaj Health: इस बीमारी की चपेट में हैं प्रेमानंद जी महाराज

Premanand Ji Maharaj
Premanand Ji Maharaj (Photo: Social Media)
प्रेमानंद जी महाराज पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (Polycystic Kidney Disease) से पीड़ित हैं, जो साल 2006 में सामने आया था। शुरू में पेट दर्द की शिकायत थी, लेकिन बाद में पता चला कि दोनों किडनी खराब हो चुकी हैं। पहले सप्ताह में पांच दिन डायलिसिस होती थी, लेकिन अब रोजाना डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। यह प्रक्रिया हर दिन उनके घर पर ही डॉक्टरों की निगरानी में होती है।
कुछ दिन पहले प्रेमानंद जी की तबीयत खराब चल रही थी, जिसके चलते उनकी पदयत्रा को भी रोक दिया गया था। हालांकि अब वे स्वस्थ हैं और रोजाना की दिनचर्या जारी रख रहे हैं।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।