Aaj Ka Panchang 08 February 2026: 8 फरवरी 2026, रविवार को फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी। इस दिन भानु सप्तमी का विशेष संयोग बन रहा है, जिसका धार्मिक दृष्टि से खास महत्व है। आज स्वाति नक्षत्र और गण्ड योग का प्रभाव रहेगा। चंद्रमा तुला राशि में गोचर करेंगे। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति।
पंचांग (Aaj Ka Panchang 08 February 2026)
विक्रम संवत: 2082, कालयुक्त
शक संवत: 1947, विश्वावसु
पूर्णिमांत माह: फाल्गुन
अमांत माह: माघ
तिथि का महत्व
कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि 8 फरवरी को सुबह 02:54 बजे से शुरू होकर 9 फरवरी सुबह 05:01 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी। भानु सप्तमी के दिन सूर्यदेव की पूजा करने से आरोग्य, यश और सम्मान की प्राप्ति मानी जाती है।
नक्षत्र और योग
आज स्वाति नक्षत्र 8 फरवरी सुबह 02:28 बजे से 9 फरवरी सुबह 05:02 बजे तक रहेगा। इसके बाद विशाखा नक्षत्र आरंभ होगा।
योग की बात करें तो गण्ड योग 7 फरवरी रात 11:40 बजे से 9 फरवरी रात 12:07 बजे तक रहेगा, जिसके बाद वृद्धि योग बनेगा।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय: सुबह 7:07 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:14 बजे
चंद्रोदय: 9 फरवरी रात 12:18 बजे
चंद्रास्त: 9 फरवरी सुबह 11:23 बजे
आज चंद्रमा तुला राशि में स्थित रहेंगे, जिससे संतुलन और सामंजस्य पर जोर रहेगा।
आज का शुभ मुहूर्त
रविवार को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:18 बजे से 01:03 बजे तक रहेगा, जो सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है।
इसके अलावा अमृत काल शाम 07:17 बजे से 09:03 बजे तक रहेगा।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:30 बजे से 06:18 बजे तक रहेगा, जो पूजा, ध्यान और साधना के लिए श्रेष्ठ समय है।
अशुभ काल
राहुकाल: शाम 04:51 बजे से 06:14 बजे तक
यम गण्ड: दोपहर 12:41 बजे से 02:04 बजे तक
कुलिक काल: 03:27 बजे से 04:51 बजे तक
दुर्मुहूर्त: 04:45 बजे से 05:30 बजे तक
वर्ज्यम् काल: सुबह 08:40 बजे से 10:26 बजे तक
इन समयों में शुभ और मांगलिक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
शुभ योग
आज सर्वार्थसिद्धि योग का भी संयोग बन रहा है, जो 8 फरवरी सुबह 02:28 बजे से 07:07 बजे तक रहेगा। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है।
Aaj Ka Panchang 08 February 2026: 8 फरवरी 2026 का दिन भानु सप्तमी और सर्वार्थसिद्धि योग के कारण धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ और आवश्यक कार्य करना लाभकारी रहेगा, जबकि राहुकाल और अशुभ काल में सावधानी बरतना उचित होगा।






















