Aaj Ka Panchang 18 May 2026: ज्येष्ठ शुक्ल द्वितीया पर बन रहे कई शुभ योग, जानें-राहुकाल और शुभ मुहूर्त

Summary :

Aaj Ka Panchang 18 May 2026: 18 मई 2026, सोमवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन ज्येष्ठ माह (अधिकमास) के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी। साथ ही रोहिणी नक्षत्र और सुकर्मा योग का शुभ संयोग बन रहा है। खास बात यह है कि इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग और अमृतसिद्धि योग जैसे अत्यंत शुभ योग भी बन रहे हैं, जो मांगलिक कार्यों और नई शुरुआत के लिए लाभकारी माने जाते हैं। इस दिन चंद्रमा का गोचर वृषभ राशि में रहेगा। आइए जानते हैं 18 मई 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त और…

Aaj Ka Panchang 18 May 2026: 18 मई 2026, सोमवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन ज्येष्ठ माह (अधिकमास) के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी। साथ ही रोहिणी नक्षत्र और सुकर्मा योग का शुभ संयोग बन रहा है। खास बात यह है कि इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग और अमृतसिद्धि योग जैसे अत्यंत शुभ योग भी बन रहे हैं, जो मांगलिक कार्यों और नई शुरुआत के लिए लाभकारी माने जाते हैं। इस दिन चंद्रमा का गोचर वृषभ राशि में रहेगा। आइए जानते हैं 18 मई 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त और अशुभ समय।

आज का पंचांग – Aaj Ka Panchang 18 May 2026

संवत और मास

विक्रम संवत – 2083, सिद्धार्थि
शक संवत – 1948, पराभव
पूर्णिमांत मास – ज्येष्ठ
अमांत मास – ज्येष्ठ

तिथि

18 मई को शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि शाम 05:53 बजे तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि का आरंभ होगा।

शुक्ल पक्ष द्वितीया – 17 मई 09:41 पीएम से 18 मई 05:53 पीएम तक
शुक्ल पक्ष तृतीया – 18 मई 05:53 पीएम से 19 मई 02:18 पीएम तक

द्वितीया तिथि को शुभ कार्यों, पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अच्छा माना जाता है।

नक्षत्र

इस दिन रोहिणी नक्षत्र सुबह 11:31 बजे तक रहेगा, इसके बाद मृगशीर्षा नक्षत्र प्रारंभ होगा।

रोहिणी – 17 मई 02:32 पीएम से 18 मई 11:31 एएम तक
मृगशीर्षा – 18 मई 11:31 एएम से 19 मई 08:41 एएम तक

रोहिणी नक्षत्र को सुख, समृद्धि और आकर्षण का प्रतीक माना जाता है। वहीं मृगशीर्षा नक्षत्र रचनात्मकता और नई संभावनाओं का संकेत देता है।

योग

18 मई को सुकर्मा योग रात 09:47 बजे तक रहेगा। इसके बाद धृति योग शुरू होगा।

सुकर्मा योग – 18 मई 01:59 एएम से 09:47 पीएम तक
धृति योग – 18 मई 09:47 पीएम से 19 मई 05:48 पीएम तक

सुकर्मा योग को शुभ कार्यों और सफलता प्राप्ति के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय – सुबह 05:48 बजे
सूर्यास्त – शाम 06:58 बजे
चंद्रोदय – सुबह 06:43 बजे
चंद्रास्त – रात 09:04 बजे

वृषभ राशि में चंद्रमा का गोचर मानसिक स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला माना जाता है।

अशुभ काल

आज कुछ समय ऐसे हैं, जिनमें शुभ और मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए:

राहुकाल – सुबह 07:27 बजे से 09:05 बजे तक
यमगण्ड – सुबह 10:44 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक
गुलिक काल – दोपहर 02:02 बजे से 03:40 बजे तक
दुर्मुहूर्त – दोपहर 12:49 बजे से 01:42 बजे तक और 03:27 बजे से 04:20 बजे तक
वर्ज्यम् – सुबह 04:31 बजे से 05:55 बजे तक तथा शाम 04:27 बजे से 05:52 बजे तक

इन समयों में नए कार्य, यात्रा और निवेश करने से बचना शुभ माना जाता है।

शुभ काल

18 मई को कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जो पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल माने गए हैं:

अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11:56 बजे से 12:49 बजे तक
अमृत काल – सुबह 08:43 बजे से 10:07 बजे तक और रात 12:54 बजे से 02:19 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04:12 बजे से 05:00 बजे तक

ब्रह्म मुहूर्त को पूजा, ध्यान और साधना के लिए सबसे श्रेष्ठ समय माना जाता है।

शुभ योगों का विशेष महत्व

18 मई को कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जो इस दिन को और भी खास बना रहे हैं।

सर्वार्थसिद्धि योग – सुबह 05:48 बजे से 11:31 बजे तक
अमृतसिद्धि योग – 18 मई 11:31 बजे से 19 मई 05:48 बजे तक
सर्वार्थसिद्धि योग – 18 मई 11:31 बजे से 19 मई 05:48 बजे तक

इन योगों में किए गए कार्यों में सफलता, लाभ और शुभ परिणाम मिलने की संभावना अधिक रहती है। नया व्यवसाय शुरू करना, खरीदारी, निवेश और धार्मिक कार्य करना शुभ माना गया है।

धार्मिक महत्व

शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को सकारात्मक ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन दान-पुण्य और पूजा-पाठ करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

Aaj Ka Panchang 18 May 2026: 18 मई 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ रहने वाला है। रोहिणी नक्षत्र, सुकर्मा योग और सर्वार्थसिद्धि योग इस दिन को खास बना रहे हैं। हालांकि राहुकाल और अन्य अशुभ समय में सावधानी बरतना जरूरी होगा। सही मुहूर्त में किए गए कार्य सफलता और सकारात्मक परिणाम देने वाले साबित हो सकते हैं।

Shera Rajput