Aaj Ka Panchang 21 June 2026: रविवार, 21 जून 2026 को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। इस दिन पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र और सिद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है। साथ ही चंद्रमा का गोचर सिंह राशि में रहेगा, जिसके स्वामी सूर्यदेव हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सप्तमी तिथि सूर्य उपासना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। आइए जानते हैं 21 जून 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिनभर के महत्वपूर्ण योगों के बारे में।
आज का पंचांग – Aaj Ka Panchang 21 June 2026
विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थि
शक संवत: 1948, पराभव
पूर्णिमांत मास: ज्येष्ठ
अमांत मास: ज्येष्ठ
तिथि
शुक्ल पक्ष सप्तमी: 20 जून दोपहर 03:46 बजे से 21 जून दोपहर 03:20 बजे तक
इसके बाद शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी, जो 21 जून दोपहर 03:20 बजे से 22 जून दोपहर 03:40 बजे तक रहेगी।
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र: 20 जून सुबह 09:25 बजे से 21 जून सुबह 09:31 बजे तक
इसके बाद उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र का आरंभ होगा, जो 22 जून सुबह 10:22 बजे तक रहेगा।
योग
सिद्धि योग: 20 जून दोपहर 12:48 बजे से 21 जून सुबह 11:21 बजे तक
इसके बाद व्यातीपात योग प्रारंभ होगा, जो 22 जून सुबह 10:30 बजे तक रहेगा।
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: सुबह 05:46 बजे
सूर्यास्त: शाम 07:11 बजे
चंद्रोदय: 21 जून सुबह 11:55 बजे
चंद्रास्त: 22 जून रात्रि 12:15 बजे
शुभ मुहूर्त
धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत के लिए ये समय शुभ माने गए हैं।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 बजे से 12:55 बजे तक
अमृत काल: प्रातः 02:54 बजे से 04:33 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:10 बजे से 04:58 बजे तक
शुभ योग
सर्वार्थसिद्धि योग
21 जून सुबह 09:31 बजे से 22 जून सुबह 05:46 बजे तक
ज्योतिष शास्त्र में सर्वार्थसिद्धि योग को अत्यंत शुभ माना गया है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है। व्यापार, निवेश, नई योजनाओं की शुरुआत और मांगलिक कार्यों के लिए यह समय विशेष फलदायी माना जाता है।
त्रिपुष्कर योग
21 जून सुबह 09:31 बजे से दोपहर 03:21 बजे तक
त्रिपुष्कर योग को भी अत्यंत शुभ योगों में गिना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए शुभ कार्यों का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है। दान-पुण्य, संपत्ति संबंधी कार्य और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए यह योग अनुकूल माना जाता है।
आज का विशेष महत्व
Aaj Ka Panchang 21 June 2026: ज्येष्ठ मास की शुक्ल सप्तमी तिथि सूर्यदेव की आराधना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन प्रातःकाल सूर्य को अर्घ्य देने और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति होती है। साथ ही सर्वार्थसिद्धि और त्रिपुष्कर जैसे दुर्लभ शुभ योगों का संयोग इस दिन के महत्व को और बढ़ा रहा है।
नोट: पंचांग में दिए गए समय स्थान विशेष के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर संभव है। किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या शुभ कार्य के लिए स्थानीय पंचांग अथवा विद्वान ज्योतिषाचार्य की सलाह अवश्य लें।


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