हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को बहुत पवित्र माना गया है। ऐसी मान्यता है कि पीपल के पेड़ में त्रिदेव यानी जड़ में ब्रम्हा, तने में विष्णु और ऊपर के भाग में भगवान शंकर का वास होता है।इसलिए इसे देव वृक्ष भी कहा जाता है।
जीवन में सुख-शांति बनाए रखने के लिए पितरों पिंडदान और श्राद्ध आदि करना जरूरी माना गया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि पीपल के पेड़ के किन उपायों द्वारा पितरों की नाराजगी को दूर किया जा सकता है।
यदि आपका कोई कार्य लंबे समय से पेंडिग में है और आपके लाख कोशिश के बाद भी सफल नहीं हो रहा है तो आप मंगलवार के दिन 11 पीपल के पत्ते लें।ध्यान रहे पत्ता टूटा-फूटा नहीं होना चाहिए। इन पत्तों पर कुमकुम, अष्टगंध या चंदन मिलाकर श्री राम- श्री राम का नाम लिखें। नाम लिखते वक्त हनुमान चालीसा का पाठ करें।
हिंदू धर्म में हनुमान चालीसा का विशेष महत्व है। इसका रोजाना पाठ करने से बजरंगबली की कृपा प्राप्त हो सकती है। ऐसे में पितृ पक्ष के पीपल के वृक्ष के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। ऐसा करने से हनुमान जी की कृपा से जीवन की सभी परेशानियां दूर होती हैं।
यदि आप शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से पीड़ित हैं तो हर शनिवार पीपल के पेड़ में जल अर्पित करें। साथ ही शाम के वक्त सरसों के तेल में दीपक जलाएं। ऐसा करने से शनि की दशा का असर कम होता है और आपके भाग्योदय में वृद्धि होती है।


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