अजित पवार की यादें साझा कर भावुक हुए पृथ्वीराज चव्हाण, कहा- विमान हादसे की डीजीसीए करे जांच

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मुंबई, 28 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान हादसे में हुई मौत पर दुख जताया है। उन्होंने इस घटना को राज्य और देश के लिए बड़ी क्षति बताया। साथ ही, निजी विमान सेवाओं की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की। पृथ्वीराज चव्हाण ने आईएएनएस से कहा कि उन्हें सुबह जैसे ही अजित पवार के विमान हादसे की खबर मिली, वह स्तब्ध रह गए। यह बेहद झकझोर देने वाली खबर थी। महाराष्ट्र और देश ने एक उभरते हुए युवा नेता…

मुंबई, 28 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान हादसे में हुई मौत पर दुख जताया है। उन्होंने इस घटना को राज्य और देश के लिए बड़ी क्षति बताया। साथ ही, निजी विमान सेवाओं की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की।

पृथ्वीराज चव्हाण ने आईएएनएस से कहा कि उन्हें सुबह जैसे ही अजित पवार के विमान हादसे की खबर मिली, वह स्तब्ध रह गए। यह बेहद झकझोर देने वाली खबर थी। महाराष्ट्र और देश ने एक उभरते हुए युवा नेता को खो दिया है, जिनमें राज्य का नेतृत्व करने की पूरी क्षमता थी। अजित पवार बेहद लोकप्रिय नेता थे और आम लोगों से उनका गहरा जुड़ाव था।

उन्होंने पुराने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अजित पवार के साथ उन्होंने कई वर्षों तक मिलकर काम किया। चव्हाण ने याद किया कि एक बार किसी बात पर नाराज होकर अजित पवार अपने पद से इस्तीफा देकर घर चले गए थे। करीब 15-20 दिन बाद उन्हें समझाकर वापस मंत्री परिषद में लाया गया। इसके बाद वे उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभाते रहे। समय के साथ राजनीतिक मतभेद जरूर हुए और दोनों अलग-अलग खेमों में आ गए, लेकिन उनके नेतृत्व, कार्यकुशलता और जनप्रियता की वे आज भी सराहना करते हैं।

चव्हाण ने कहा कि अजित पवार बेहद मेहनती और अनुशासित नेता थे। वह मीटिंग में हमेशा पूरी तैयारी के साथ आते थे, समय के पाबंद थे, और सुबह सात बजे से ही लोगों से मिलना शुरू कर देते थे। उनके भीतर फैसले लेने की अद्भुत क्षमता थी। कई बार वह जल्दी निर्णय लेने की कोशिश करते थे, तब हमें उन्हें याद दिलाना पड़ता था कि हर कदम कानून के दायरे में होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि अजित पवार ने लंबे समय तक वित्त विभाग की जिम्मेदारी संभाली और कई बजट पेश किए। इस बार भी वह महाराष्ट्र का नया बजट पेश करने की तैयारी में जुटे थे। चुनावी कार्यक्रमों और मुंबई-बारामती के बीच लगातार यात्राओं के बावजूद वह पूरी सक्रियता से काम कर रहे थे। ऐसे समय में हुआ यह हादसा और भी ज्यादा दुखद है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मौके पर निजी विमान सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई बार निजी कंपनियों के विमान पुराने होते हैं और उनका रखरखाव ठीक से नहीं किया जाता। डीजीसीए को इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि हादसे की असली वजह क्या थी। तकनीकी खराबी, उपकरण की विफलता, पायलट की गलती, या कोई और कारण।

चव्हाण ने कहा कि जब भी इस तरह की घटनाएं होती हैं, तो सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि पूरा राज्य और देश नुकसान उठाता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि निजी विमान कंपनियों को लाइसेंस देते समय और भी सख्ती बरती जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

–आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम

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