ओडिशा स्थित बौध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ आयकर विभाग के छापों में अब तक बरामद नकदी 300 करोड़ रुपये के पार हो गई है। यह देश में किसी भी जांच एजेंसी द्वारा की गई एकल कार्रवाई में “अब तक की सबसे अधिक” जब्ती बन गई है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
6 दिसंबर को हुई थी छापेमारी की शुरुआत
बौध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड, उसके प्रमोटर और अन्य के खिलाफ मैराथन छापेमारी रविवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गई। कर चोरी और “ऑफ़-द-बुक (जिसका लेखा-जोखा कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड में नहीं हो)” लेनदेन के आरोप में कर अधिकारियों द्वारा 6 दिसंबर को छापेमारी शुरू की गई थी।
सूत्रों ने बताया कि अब तक 300 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी की गिनती की जा चुकी है और यह (गिनती) अब भी जारी है। आयकर विभाग का मानना है कि यह ‘बेहिसाबी’ नकदी है और व्यापारिक समूह, विक्रेताओं और अन्य द्वारा देशी शराब की नकद बिक्री से अर्जित की गई है। सूत्रों ने कहा कि किसी एक समूह और उससे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई के तहत देश में किसी एजेंसी द्वारा की गई यह अब तक की सबसे अधिक नकदी जब्ती है।
इससे पहले इतनी भारी मात्रा में नकदी 2019 में बरामद की गई थी, जब जीएसटी इंटेलिजेंस ने कानपुर के एक व्यवसायी से जुड़े परिसरों पर छापा मारा था और 257 करोड़ रुपये नकद बरामद किए थे। वहीं, जुलाई 2018 में तमिलनाडु में एक सड़क निर्माण फर्म के खिलाफ तलाशी के दौरान आयकर विभाग द्वारा 163 करोड़ रुपये की नकदी का खुलासा किया गया था।
विभाग उन अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के बयान भी दर्ज कर रहा है, जो छापों वाले स्थानों पर मौजूद थे। साथ ही विभाग कंपनी के मुख्य प्रमोटर को अपने बयान दर्ज कराने के लिए भी समन जारी करेगा। विभाग ने झारखंड से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य धीरज प्रसाद साहू के रांची और अन्य स्थानों पर स्थित परिसरों की भी तलाशी ली है। यह स्पष्ट नहीं है कि साहू के घर से कितनी नकदी और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए।


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