उत्तर प्रदेश/लखीमपुर खीरी: खीरी विकास समिति के प्रयासों से कस्बा खीरी में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। शासन ने एक बार फिर जिला मुख्यालय से नगर पंचायत खीरी में आंगनबाड़ी केंद्रों की जरूरत और संख्या से संबंधित डिमांड मांगी है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जल्द केंद्र स्थापित होने की उम्मीद जताई है। जिला मुख्यालय से महज चार किलोमीटर दूर स्थित कस्बा खीरी आजादी के बाद से महिला कल्याण एवं बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों से वंचित है। कस्बे में बड़ी संख्या में लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
समिति के अनुसार, यहां गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं एवं पोषण उपलब्ध कराने की जरूरत है। आंगनबाड़ी केंद्रों के अभाव में बच्चों और महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो रही है।
एक दर्जन से अधिक पत्र भेज चुकी है खीरी विकास समिति
आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना के लिए खीरी विकास समिति वर्ष 2015, 2016, 2018, 2023 और जनवरी 2026 में अब तक लगभग एक दर्जन पत्र भेज चुकी है। ये पत्र बाल विकास विभाग, जिलाधिकारी कार्यालय और प्रदेश एवं केंद्र सरकार के संबंधित विभागों को प्रेषित किए गए हैं।
समिति के अनुसार, वर्ष 2016 में भी केंद्रीय सचिवालय और प्रदेश विभागीय कार्यालय की ओर से कस्बे में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना के लिए डिमांड मांगी गई थी। हालांकि, अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
आकांक्षा योजना में शामिल हुआ खीरी नगर पंचायत क्षेत्र
इस संबंध में खीरी विकास समिति के अध्यक्ष आमिर रजा ने जिला कार्यक्रम अधिकारी भारत प्रसाद से मुलाकात की। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना के लिए किए जा रहे पत्राचार और समिति के प्रयासों की जानकारी दी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि विभाग द्वारा पूर्व में प्राप्त डिमांड के आधार पर खीरी नगर पंचायत को आकांक्षा योजना में शामिल किया गया है। जिला स्तर से आंगनबाड़ी केंद्रों की डिमांड संबंधी सूचना मांगी गई है, जिसे विभाग की ओर से भेजा जा रहा है।
जल्द केंद्र स्थापित होने की उम्मीद
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने उम्मीद जताई कि जल्द ही खीरी कस्बे में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना की जाएगी। वहीं, समिति के अध्यक्ष आमिर रजा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि खीरी विकास समिति का संघर्ष जल्द रंग लाएगा और कस्बे में आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित होंगे। इससे क्षेत्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण एवं सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
यह भी पढ़ें: दीपोत्सव-2026 में लोक संस्कृति का महाकुंभ, यूपी के 16 जिलों सहित देशभर के कलाकार बिखेरेंगे रंग


Download Android App
Download iOS App




