राष्ट्रीय राजधानी में कई सरकारी और निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं सोमवार को बाधित हैं क्योंकि अनेक डॉक्टरों ने पश्चिम बंगाल में हड़ताल कर रहे डॉक्टरों के समर्थन में काम का बहिष्कार करने का फैसला किया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डॉक्टरों ने भी एक दिन के लिए काम के बहिष्कार निर्णय लिया है।
दिल्ली स्थित एम्स की रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने पहले हड़ताल में शामिल न होने का फैसला किया था, लेकिन सोमवार की सुबह एम्स के ट्रॉमा सेंटर में एक जूनियर डॉक्टर पर हमले के बाद इसने दोपहर से सभी गैर आवश्यक सेवाओं से अनुपस्थित रहने का फैसला किया। एम्स आरडीए ने एक बयान में कहा कि अस्पताल के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में ‘‘गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिकता देने पर’’ एक जूनियर डॉक्टर पर कथित हमला किया गया। एम्स के डॉक्टरों ने परिसर में सुबह आठ बजे से नौ बजे तक प्रदर्शन भी किया।
UPDATE :
– मध्यप्रदेश में भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ शासकीय और निजी डॉक्टर की हड़ताल पर चले गये इसी क्रम में आज इंदौर जिले के भी लगभग सभी डॉक्टर दोपहर दो बजे तक हड़ताल पर है।
– केरल में भी डॉक्टर संगठनों की हड़ताल के कारण सोमवार को चिकित्सा सेवाएं आशिंक रूप से प्रभावित रहीं। हड़ताल सुबह छह बजे शुरू हुई।
– महाराष्ट्र में 40,000 से अधिक डॉक्टरों और अन्य चिकित्साकर्मियों ने पश्चिम बंगाल में अपने सहयोगियों का समर्थन करने का फैसला किया है जो अपने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
एम्स आरडीए द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘हम एक बार फिर पश्चिम बंगाल प्रशासन से हड़ताल कर रहे डॉक्टरों की मांगों को पूरा करने और आम जनता के हित में जल्द से जल्द इस मामले को मैत्रीपूर्ण ढंग से सुलझाने का अनुरोध करते हैं। भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने आकस्मिक चिकित्सा सेवाओं को छोड़कर हड़ताल का आह्वान किया है। आईएमए सदस्य यहां अपने मुख्यालय पर भी धरना देंगे।
केंद्र सरकार द्वारा संचालित सफदरजंग अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, आरएमएल अस्पताल के साथ-साथ दिल्ली सरकार के जीटीबी अस्पताल, डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल, संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल और दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल के डॉक्टर भी हड़ताल में शामिल हैं। शीर्ष चिकित्सा संस्था आईएमए ने कहा कि सभी ओपीडी, नियमित ऑपरेशन थिएटर सेवाएं और वार्ड का निरीक्षण 24 घंटे के लिए सोमवार सुबह छह बजे से मंगलवार सुबह छह बजे तक स्थगित रहेगा। इसने कहा कि हालांकि आपातकालीन और आईसीयू सेवाएं काम करती रहेंगी। इस बीच, दिल्ली चिकित्सा संघ (डीएमए) और फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) ने हड़ताल को अपना समर्थन दिया है।
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डीएमए द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ हिंसा के विरोध में 17 जून को 24 घंटे के लिए आईएमए की हड़ताल का समर्थन करने के लिए कार्यकारी समिति की आपात बैठक हुई। सभी क्लिनिक, नर्सिंग होम्स, डायग्नोस्टिक केंद्रों और अस्पतालों से अपनी नियमित सेवाएं बंद रखने का अनुरोध किया जाता है।’’ हालांकि आकस्मिक सेवाएं हड़ताल के दायरे से बाहर होंगी। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक मरीज के परिजनों ने दो डॉक्टरों पर कथित तौर पर हमला किया था जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद 11 जून से जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। मरीज की मौत अस्पताल में हो गई थी। इनके समर्थन में देशभर के डॉक्टरों ने काम न करने का फैसला किया है। आईएमए ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमलों से निपटने के लिए केंद्रीय कानून की मांग की है।


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