प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली नीती अयोग गवर्निग काउंसिल की पहली बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह हिस्सा नहीं लेंगे। ममता बनर्जी और चंद्रशेखर राव ने 23 मई को प्रधानमंत्री मोदी के शपथ-ग्रहण समारोह में भी भाग नहीं लिया था।
मोदी सरकार की मुखर आलोचक बनर्जी ने नीती अयोग की बैठक में भाग लेने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि ‘इसका कोई लाभ नहीं है, क्योंकि इस संस्था के पास कोई वित्तीय शक्तियां नहीं हैं।’ मोदी को लिखे तीन पेज के पत्र में ममता ने कहा है कि बैठक में भाग लेने का कोई लाभ नहीं हैं, क्योंकि इसकी कार्यसूची राज्य की सलाह के बिना केंद्र सरकार तय करती है। चंद्रशेखर राव ने सिंचाई परियोजना के शुभारंभ की तैयारियों में व्यस्त होने की बात कही है।
अमरिंदर ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए बैठक में शामिल होने से इनकार किया है। वह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की एक बैठक में भी हिस्सा नहीं ले रहे हैं। आम चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को मिली भारी जीत के बाद नीति आयोग की यह पहली बैठक है। राष्ट्रपति भवन में बैठक आयोजित की जाएगी।
नीति आयोग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, वर्षा जल संचयन, सूखे की स्थिति व राहत के उपायों, आकांक्षी जिलों को बदलने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित जिलों पर विशेष ध्यान देने के साथ सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर बैठक में चर्चा की जाएगी।


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