WHO : विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की दक्षिण पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक साइमा वाजेद ने बताया कि दुनिया भर में हर साल डूबने से लगभग 236,000 लोगों की मौत होती है। यह आंकड़ा प्रतिदिन 350 या प्रति घंटे 26 है। हर साल 25 जुलाई का दिन ‘वर्ल्ड ड्राउनिंग प्रिवेंशन डे’ के रूप में मनाया जाता है, ताकि दुनिया भर में चोट से संबंधित मृत्यु और विकलांगता के प्रमुख कारण के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाई जा सके।
Highlight :
- हर साल लगभग 236,000 लोगों की डूबने से होती है मौत
- दुनिया भर में प्रति घंटे 26 लोगों की डूबने से मौत होती है
- WHO ने मापनीय रणनीतियों की एक रूपरेखा तैयार की है
रोकथाम ही इससे बचने का उपाय
इस वर्ष की थीम है ‘कोई भी डूब सकता है, किसी को नहीं डूबना चाहिए।’ क्षेत्रीय निदेशक ने कहा, 2019 में दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में डूबने से 70.034 लोगों की जान चली गई, जिससे यह दुनिया भर में डूबने से होने वाली मौतों में दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र बन गया। उन्होंने कहा, डूबना एक अचानक और खामोश मौत है। रोकथाम ही इससे बचने का उपाय है। अधिकांश घटनाएं निगरानी की कमी, खतरनाक जल निकायों के संपर्क में आने और अपर्याप्त जागरूकता होती हैं।
अधिकांश घटनाओं की वजह निगरानी की कमी है
वाजेद ने कहा कि इसके लिए कई ऐसे निवारक उपाय मौजूद हैं जो इस मुद्दे को संबोधित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य निकाय ने डूबने से बचाव के लिए साक्ष्य-आधारित, लागत प्रभावी और मापनीय रणनीतियों की एक रूपरेखा तैयार की है। इसमें अलग-अलग संदर्भों के लिए मार्गदर्शन भी दिया गया है।
अपर्याप्त जागरूकता भी डूबने की है एक वजह
वाजेद ने कहा, डूबने से होने वाली मौतों की रोकथाम में हम सभी की भूमिका आवश्यक है, चाहे जागरूकता बढ़ानी हो, प्रभावी समाधानों के बारे में जानकारी को बढ़ावा देना हो. स्थानीय या राष्ट्रीय सरकारों के साथ रोकथाम योजनाओं और नीतियों पर सहयोग करना हो, संबंधित संगठनों के साथ स्वयं सेवा करनी हो या पानी के आसपास व्यक्तिगत और पारिवारिक सुरक्षा सुनिश्चित करनी हो, हममें से हर कोई इसमें बदलाव ला सकता है।


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