दिल्ली स्थित मयूर विहार फेज-3के एल्कॉन पब्लिक स्कूल की 9वीं की छात्रा के आत्महत्या मामले में बवाल बढ़ता ही जा रहा है। छात्रा के माता-पिता आज स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। इंसाफ की गुहार लगाते मां-बाप की मांग है कि इस केस की सीबीआई जांच जानी चाहिए। आरोप है कि छात्रा ने स्कूल के शिक्षकों की ज्यादती से तंग आकर मंगलवार को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। नोएडा सेक्टर-52 जीबी में रहने वाली छात्रा मयूर विहार के एल्कॉन स्कूल में 9वीं क्लास में पढ़ती थी।
खुदकुशी से ठीक पहले पीड़िता ने अपनी नोटबुक में लिखा था की मैं असफल हूं…मैं गूंगी हूं…मैं खुद से नफरत करती हूं। छात्रा के पिता ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने सवाल किया कि कोई ऐसा कैसे सोच सकता है कि मानसिक और शारीरिक शोषण को लेकर मेरी बेटी झूठ बोल रही थी? उन्होंने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह दबाव में है। उन्होंने कहा कि मुझे इंसाफ चाहिए और इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।
पिता का आरोप है कि स्कूल में सोशल साइंस का टीचर राजीव सहगल उससे छेड़छाड़ करता और साइंस टीचर नीरज आनंद धमकाती थी। मौत से पहले पीड़िता ने अपनी किताब में लिखा कि समय के साथ सबकुछ बदलता है। कॉपी में भी कई बार उसने अपना नाम लिखा। वह डॉक्टर बनाना चाहती थी। उसने अपने सपने के बारे में भी नोटबुक पर लिखा था। आखिरी पन्ने पर उसने अपने नाम के आगे डॉक्टर लगाया था। इसके बाद खुद को असफल मानते हुए उसने मौत का रास्ता चुन लिया था।
पिता का आरोप है कि दोनों टीचरों ने जान बूझकर परीक्षा में उसे कम नंबर दिए थे, जिससे कि वह फेल हो गई थी। पिता ने स्कूल के प्रिंसिपल से शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस वजह से छात्रा तनाव में रहने लगी थी। उसने अपने पिता से कहा था कि दोनों टीचर उसे पास नहीं होने देंगे। इसी वजह से उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। पुलिस ने दोनों टीचर के साथ प्रिंसिपल के खिलाफ छेड़छाड़ करने, आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी देने और पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
पहले पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा नहीं जोड़ी थी। सवाल उठे तो फिर दोबारा धाराएं बढ़ाई गईं। इस मामले में पहली शिकायत दर्ज करने वाले पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया गया है। जांच के आदेश दिए गए हैं। मृतका के परिवार वालों ने बताया कि उनकी बेटी नौवीं क्लास में एक बार फेल हो चुकी थी। छात्रा का शव उसके कमरे की खिड़की की रेलिंग से लटकता मिला था। परिवार वालों को जैसे ही बेटी द्वारा खुदकुशी की जानकारी मिली, वे उसे लेकर कैलाश अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। फिलहाल यूपी और दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
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