दिल्ली उच्च न्यायालय ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़े धनशोधन के एक मामले में बिचौलिये से गवाह बने राजीव सक्सेना को मिली विदेश यात्रा की अनुमति पर स्थगन लगा दिया है। न्यायमूर्ति चंद्र शेखर की पीठ ने प्रवर्तन निदेशालय की अर्जी पर दिल्ली की एक अदालत के आदेश पर स्थगन लगा दिया। उस निचली अदालत ने सक्सेना को इलाज के वास्ते यूरोप, ब्रिटेन और दुबई जाने की इजाजत दी थी। निचली अदालत के इस आदेश के विरूद्ध ईडी उच्च न्यायालय पहुंची थी।
उच्च न्यायालय ने केंद्र के वकील अमित महाजन और ईडी के वकील नीतेश राणा की अर्जी पर सक्सेना को नोटिस जारी किया और उनसे 10 जून तक जवाब मांगा। पीठ ने मंगलवार को कहा, ‘‘ प्रतिवादी को नोटिस जारी किया जाए…. इस बीच संबंधित आदेश के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक स्थगन लगाया जाए।’’ महाजन ने अदालत से कहा कि इस मामले की जांच अहम पड़ाव पर है और हाल ही में गवाह बने सक्सेना को देश से बाहर जाने की अनुमति देने से जांच प्रभावित हो सकती है। दुबई की दो कंपनियों– यूएचवाई सक्सेना और मैट्रिक्स होल्डिंग के निदेशक सक्सेना को 3600 करोड़ रूपये के अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में ईडी द्वारा दायर आरोपपत्र में नामजद किया गया है।


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