टीम की प्रमुख बैठकें राज्य के मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक (DGP) और गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) के साथ होंगी. इन बैठकों का उद्देश्य हादसे के बाद किए जा रहे समन्वय प्रयासों और प्रभावितों को दी जा रही सहायता की समीक्षा करना है.
Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे के बाद केंद्र सरकार हरकत में आ गई है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की एक वरिष्ठ टीम अहमदाबाद पहुंच चुकी है. यह टीम अगले दो दिनों तक गुजरात में रहकर राहत, बचाव और जांच कार्यों की निगरानी करेगी. इस टीम का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा कर रहे हैं.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टीम की प्रमुख बैठकें राज्य के मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक (DGP) और गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) के साथ होंगी. इन बैठकों का उद्देश्य हादसे के बाद किए जा रहे समन्वय प्रयासों और प्रभावितों को दी जा रही सहायता की समीक्षा करना है.
हादसे की जांच के लिए बनी उच्चस्तरीय समिति
सरकार इस दुखद घटना को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और इसके चलते एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है. यह समिति हादसे के कारणों का पता लगाएगी और जिम्मेदार पहलुओं की गहराई से जांच करेगी.
समिति के सदस्य दुर्घटनास्थल का दौरा करेंगे और वहां मौजूद चश्मदीदों, रेस्क्यू टीमों, एयर ट्रैफिक कंट्रोल कर्मचारियों और विमान क्रू के बचे हुए सदस्य से भी बातचीत करेंगे. रिपोर्ट तैयार होने के बाद यह समिति केंद्र सरकार को विस्तृत जानकारी सौंपेगी.
PM मोदी ने किया घटनास्थल का दौरा
हादसे के अगले दिन यानी 13 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अहमदाबाद पहुंचकर दुर्घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने मौके पर स्थिति का जायजा लिया और फिर अस्पताल जाकर घायल लोगों से मुलाकात की.
इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. पीएम मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह त्रासदी बेहद दर्दनाक और हृदय विदारक है. उन्होंने कहा कि शब्द इस पीड़ा को व्यक्त करने में असमर्थ हैं.

टेकऑफ के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान
यह हादसा उस समय हुआ जब एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो बोइंग 787 ड्रीमलाइनर थी, अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भर रही थी. टेकऑफ के महज 59 सेकंड के भीतर ही यह विमान मेघानीनगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर शामिल थे.
इनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे. दुर्भाग्यवश, इस हादसे में एक यात्री को छोड़कर सभी की मौत हो गई. यह भारतीय विमानन इतिहास की सबसे भयावह घटनाओं में से एक बन गई है.


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