महाराष्ट्र में सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर मराठा समुदाय की ओर से किए जा रहे आंदोलन की पृष्ठभूमि में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की।
आरएसएस के स्थानीय कार्यालय ‘यशवंत भवन’ में शाह और भागवत की मुलाकात कल हुई, लेकिन दोनों के बीच किन विषयों पर चर्चा हुई, इस बारे में पता नहीं चल सका है। बहरहाल, भाजपा के एक सूत्र ने बताया कि शाह और भागवत ने महाराष्ट्र में सत्ताधारी पार्टी को मजबूत करने के तौर-तरीकों पर चर्चा की, लेकिन आरक्षण के मुद्दे पर बातचीत नहीं हुई।
गौरतलब है कि 2019 में लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि यह बैठक बहुत पहले से तय थी और सरकारी नौकरियों एवं शिक्षा में 16 फीसदी आरक्षण की मांग कर रहे मराठा समुदाय द्वारा किए जा रहे आंदोलन से इसका कोई लेना-देना नहीं था।
भाजपा के सूत्र ने बताया, “यह बैठक कई महीने पहले तय की गई थी और यह महज एक घंटे चली। यह संयोग है कि मुख्यमंत्री की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक की पृष्ठभूमि में यह मुलाकात हुई।” महाराष्ट्र सरकार ने आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए कल एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी।
राज्यव्यापी आंदोलन से भाजपा की अगुवाई वाली सरकार के निपटने के तौर-तरीकों की आलोचना हो रही है। इस हफ्ते मुंबई, नवी मुंबई और मराठावाड़ा के कुछ इलाकों में यह आंदोलन हिंसक हो गया था। इसे हफ्ते की शुरुआत में शिवसेना सांसद संजय राउत ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पद से हटाने के लिए ‘‘भाजपा में बातचीत चल रही है।
हालांकि, भाजपा के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने इन बातों को खारिज कर दिया था। सूत्र ने बताया कि देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद से हटाने को लेकर भाजपा के भीतर कोई चर्चा नहीं हो रही। उसने कहा कि मुख्यमंत्री मौजूदा विरोध प्रदर्शनों से निपटने के लिए “पर्याप्त रूप से सक्षम” हैं।
बता दें कि शाह कल मुंबई की एक दिन की यात्रा पर थे, जिस दौरान उन्होंने भागवत से मुलाकात की। अपनी मुंबई यात्रा के दौरान शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुरुआती जीवन पर आधारित फिल्म ‘चलो जीते हैं’ की विशेष प्रीव्यू स्क्रीनिंग (रिलीज से पहले) देखी।


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