एएन-32 विमानों को भारतीय वायु सेना (IAF) के परिवहन बेड़े की धुरी बताते हुए सरकार ने सोमवार को कहा कि फिलहाल इन विमानों को हटाए जाने की कोई योजना नहीं है। रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने राज्यसभा को आज बताया ‘‘एएन-32 विमान भारतीय वायु सेना में परिवहन बेड़े की धुरी हैं। एएन-32 को उन्नयन किया गया है और आगे भी उन्नयन की योजना है। ’’
उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि फिलहाल एएन-32 विमानों को हटाए जाने की कोई योजना नहीं है क्योंकि इनका उपयोगी सेवाकाल शेष है और ये पूर्ण रूप से उड़ान भरने योग्य हैं। तीन जून को असम के जोरहाट से उड़ान भरने के बाद एक एएन-32 विमान के अरूणाचल प्रदेश के मैचुका के पास दुर्घटनाग्रस्त होने का जिक्र करते हुए नाइक ने एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि हादसे में कोई जीवित नहीं बचा।

पीड़ितों के परिवारों को इस बारे में सूचना दे दी गई थी। अफसरों का एक दल उनसे संपर्क बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए एक जांच अदालत गठित करने का आदेश दिया गया था। रक्षा राज्य मंत्री ने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि वर्तमान में भारतीय बेड़े में 53 उन्नत एएन-32 विमान हैं।
विमान दुर्घटना के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में नाइक ने बताया ‘‘बीते छह माह में विमान दुर्घटना के छह मामले हुए हैं। इनमें से 28 जनवरी को एक जगुआर विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। 12 फरवरी को मिग 27 यूपीजी विमान, 19 फरवरी को हॉक एमके-132 विमान, आठ मार्च को मिग-21 बिसन विमान, 31 मार्च को मिग-27 यूपीजी विमान और तीन जून को एएन-32 विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ।


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