श्योपुर : लोकायुक्त पुलिस ने सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ प्रभारी लेखापाल रामकुमार त्रिवेदी को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेतेहुए गिरफ्तार किया है। लेखापाल ने पेंशन व जीपीएफ प्रकरण तैयार करनेके लिए फरियादी से मांगी थी 25 हजार रुपए की घूस। समाचार लिखे जाने तक लोकायुक्त पुलिस अपनी कार्रवाई में जुटी हुई थी।
दरअसल स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एएनएम पूनमदेवी पत्नि स्व. प्रभूदयाल सिंह बघेल अगस्त 2017 में सेवा निवृत्त हो गई थीं, लेकिन सीएम एचओ कार्यालय में पदस्थ प्रभारी लेखापाल श्री त्रिवेदी ने अब तक पेंशन व जीपीएफ प्रकरण तैयार नहीं किया था। एएनएम का पुत्र योगेन्द्र सिंह बघेल महीनों से सीएमएचओ कार्यालय के चक्कर काट रहा था।
लेकिन लेखापाल बिना रिश्वत के पेंशन व जीपीएफ प्रकरण तैयार करने के लिए तैयार नहीं हुआ। योगेन्द्र सिंह ने जब लेखापाल से प्रकरण तैयार करने के लिए बात की तो लेखापाल ने उससे 25 हजार रूपए की घूस मांगी। इस बीच फरियादी योगेन्द्र सिंह बघेल ने गत 5 मार्च को लोकायुक्त एसपी ग्वालियर को शिकायत की। शिकायत के बाद ऑफिस में ही लेखापाल को रिश्वत के साथ रंगेहाथों पकडने की रूपरेखा तय हुई। फरियादी योगेन्द्र आज लोकायुक्त पुलिस द्वारा दिए गए रंग पैसों को देने के लिए ऑफिस पहुंचा।
जैसे ही फरियादी ने लेखापाल को 5 हजार रूपए एडवांस दिया, वैसे ही लोकायुक्त ने छापा मारते हुए उसे रंगे हाथों दबोच लिया। इसके बाद लेखापाल के हाथ धुलवाए गए तो उनके हाथ रंग से रंग गए। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से सीएमएचओ कार्यालय सहित पूरे स्वास्थ्य महकमे में आज दिनभर हडकंप मचा रहा। इस कार्रवाई में लोकायुक्त डीएसपी प्रद्युम्र सिंह पाराशर, निरीक्षक राजीव गुप्ता, निरीक्षक पीके चतुर्वेदी, उपनिरीक्षक सुरेश सिंहकुशवाह, आरक्षक अंकेश शर्मा, सुरेन्द्र सेमिल, बलवीर, विशंभर, सुनील छीर सागर आदि मौजूद रहे।
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