Anna Hazare begins maun andolan : जंतर मंतर पर सीजेपी का आन्दोलन अब देशभर में फ़ैल गया है। कल यह प्रदर्शन देश के अलग अलग हिस्सों में हुआ। प्रदर्शन को कई राजनीतीक सामाजिक और कला हस्तियों का समर्थन मिल रहा है।
ऐसे में दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा धांधली को लेकर सीजेपी और छात्रों के जारी आंदोलन के समर्थन में अब समाजसेवी अन्ना हजारे भी उतर आए हैं। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित वाडिया पार्क में अन्ना ने दो घंटे का मौन सत्याग्रह किया।
इस दौरान आंदोलनकारी युवाओं की पीड़ा और उनके भविष्य का जिक्र करते हुए गांधीवादी नेता बेहद भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। अन्ना ने केंद्र सरकार से अपनी जिद छोड़कर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ तुरंत सीधी बातचीत शुरू करने की पुरजोर अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में संवाद ही हर उलझन का इकलौता और बेहतर रास्ता होता है।
वाडिया पार्क में मौन आंदोलन
छात्रों के आंदोलन को ताकत देने के लिए अहिल्यानगर के वाडिया पार्क में आयोजित दो घंटे के मौन प्रदर्शन के दौरान अन्ना हजारे ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखी।
इस दौरान जब युवाओं की समस्याओं और उनकी मांगों पर चर्चा हुई, तो अन्ना का दिल पसीज गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर सवालों पर सरकार को संवेदनशीलता से विचार करना होगा। छात्र लोकतांत्रिक दायरे में रहकर अपनी आवाज उठा रहे हैं, इसलिए उनकी मांगों का समाधान केवल संवाद के जरिए ही निकाला जाना चाहिए।
पीएम मोदी को पत्र
इससे पहले बुधवार को अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर दिल्ली में हुए घटनाक्रम पर गहरी चिंता जाहिर की थी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई और हिंसा को अत्यंत दुखद बताया।
चिट्ठी में अन्ना ने लिखा कि किसी मंत्री का इस्तीफा लेने से सरकार की साख कम नहीं होती, बल्कि इससे व्यवस्था में सुधार आता है और बाकी मंत्रियों को जनता के प्रति अपनी जवाबदेही का सख्त संदेश जाता है।
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