ऑटो ड्राइवर के बेटे जे. संतोष ने हासिल किया IIT मद्रास में एडमिशन, 90 प्रतिशत विकलांगता को दी मात

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90 प्रतिशत विकलांगता और सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रहे ऑटो ड्राइवर के 17 वर्षीय बेटे जे. संतोष ने आईआईटी मद्रास में दाखिला हासिल किया है। वे डेटा साइंस में बीएस प्रोग्राम की पढ़ाई करेंगे।

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Tamil Nadu News: तमिलनाडु के रहने वाले 17 वर्षीय जे. संतोष ने इस बात को साबित कर दिखाया है। जन्म से ही 90 प्रतिशत स्पाइनल मस्कुलर डिसेबिलिटी और सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित होने के बावजूद संतोष ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास में दाखिला हासिल कर लिया है।

एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले संतोष के पिता पेशे से ऑटो ड्राइवर हैं। गंभीर शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरी कोशिश में संस्थान की क्वालिफायर परीक्षा पास कर अपनी जगह पक्की की।

IIT मद्रास ने शेयर की जानकारी

IIT मद्रास ने गुरुवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर संतोष की इस उपलब्धि की जानकारी साझा की। संस्थान के अनुसार, संतोष ने चार साल के बैचलर ऑफ साइंस (BS) इन डेटा साइंस एंड एप्लिकेशंस प्रोग्राम में एडमिशन लिया है।

पिछले साल स्कूल के साथियों के साथ आईआईटी मद्रास के कैंपस का दौरा न कर पाने वाले संतोष ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने ऐसा कोर्स चुना जिसे ज्यादातर घर से ही ऑनलाइन पूरा किया जा सकता है।

एनजीओ उठाएगा पढाई का खर्च

संतोष को इस प्रोग्राम की जानकारी ‘तमिलनाडु वॉलनटियर्स’ नाम के एनजीओ के जरिए मिली थी। ‘IIT-मद्रास फॉर ऑल’ पहल के तहत यह एनजीओ संतोष को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ट्रेनिंग और गाइडेंस देगा। इसके साथ ही, एनजीओ उनके पहले साल की ट्यूशन फीस का खर्च भी उठाएगा।

संतोष का सपना अपनी डिग्री पूरी कर आईटी सेक्टर में एक सफल करियर बनाना है। उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि अगर हौसला बुलंद हो, तो हर रुकावट को पार किया जा सकता है।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।