शिवपुरी : विगत 20 वर्षों से पानी की त्राहि-त्राहि झेल रही सिंधिया रियासत की ग्रीष्मकालीन राजधानी रही शिवपुरी की मुराद पूरी होने जा रही है और इस क्षेत्र की जीवनदायनी सिंध नदी के जल से नगर देवता सिद्धेश्वर नाथ का जलाभिषेक विधिवत पूजा अर्चना के साथ कैबिनेट मंत्री और शिवपुरी की विधायक यशोधरा राजे सिंधिया के द्वारा संपन्न किया जाएगा। इस हेतु नगर में जबर्दस्त तैयारी के साथ भव्य धार्र्मिक आयोजन किया जा रहा है। जिसकी समस्त तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
कार्यक्रम को लेकर नगरवासियों में भारी उत्साह का माहौल बना हुआ है क्योंकि इस नगर की सबसे भीषण समस्या से उन्हें राहत मिलने जा रही है।ज्ञात रहे कि शिवपुरी नगर वासी विगत 20 वर्षो सने-सने जल संकट से त्रस्त थे और सन् 2005 के बाद यह संकट बहुत तेजी से गहरा गया। बची खुची कसर अल्प वर्षा और पानी के अव्यय ने पूरी कर दी और कभी जल से सराबोर रहने वाला ये शहर भारी जल संकट से त्रस्त हो गया। आलम यह हो गया कि पानी की कमी के चलते आम आदमी दिन रात रतजगा करता था और कट्टी लेकर पानी की तलाश में भटकता था। सबसे ज्यादा संकट मजदूर वर्ग का था जो दिन में मजदूरी करते थे और रात में पानी के लिए मारामारी लगे रहते थे।
कई बार ये तक हुआ है कि पानी भरने को लेकर मारपीट और खून खराबा भी आपस में हुआ जिसकी रिर्पोटें थाने में भी दर्ज हैं। सबसे ज्यादा परेशानी किशोरी और युवतियों को आती थी। जो रात्रि में पानी के कारण अश्लील फब्तियां और असुरक्षा की शिकार होती थीं। कहने का लब्बो लुभाव यह है कि पानी के कारण इस शहर की व्यवस्था अस्त व्यस्त हो गई थी और बची खुची कसर पीएचई से जल प्रदाय व्यवस्था नगर पालिका को देकर ध्वस्त कर दी गई। इस पानी की कमी को लेकर सिंध जलावर्धन योजना बनाई गई थी जिसके द्वारा अटल सागर से इंटैक बैल बनाकर सतनवाड़ा होते हुए शिवपुरी सिंध का जल लाया जाना तय हुआ था और इसकी स्वीकृति कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के विशेष प्रयासों से हुई और ये प्रदेश की पहली योजना थी जो पीपीपी मोड पर थी। इसमें शासन के साथ निर्माण कंपनी का पैसा लगना था जो जल उपभोक्ताओं से बसूल किया जाना था। इस कार्य शुरू होने के बाद से ही यह योजना हिचकोले खाती रही और प्रशासनिक, फोरेस्ट, निर्माण एजेंसी के अडंगों के चलते यह समय से पूरी नहीं हो पाई।
इसके कारण शहर में तमाम आंदोलन हुए और इसके माध्यम से राजनीति भी जबर्दस्त तरीके से शुरू हो गई। क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने हाड़तोड़ मेहनत के बाद मात्र 6 माह में इस योजना को परवान चढ़ाया और सिंध के जल का नगर आगमन करके ही दम लिया। तत्समय यह तय किया गया था कि इस जल के नगर में पहुंचते ही नगर के देवता बाबा सिद्धेश्वर नाथ के शिवलिंग का सिंध के जल से जलाभिषेक कराने के उपरांत ही इस जल को नगर वासियों को प्रदाय किया जाएगा।
22 दिसम्बर शुक्रवार को सिद्धेश्वर सेवा समिति द्वारा सिंध जलाभिषेक यात्रा ग्वालियर वायपास से प्रारंभ होकर सदर बाजार होते हुए नगर देवता सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पर भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा और इसके लिए कैबिनेट मंत्री तथा स्थानीय विधायक यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी आ रही हैं। यशोधरा राजे सिंधिया बायपास से सिंध का जल भरकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरेंगी और उनके साथ-साथ कलश लेकर महिलाएं भी रहेंगी। इसके बाद सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पर भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा।
स्थान-स्थान पर सिंध के आगमन का स्वागत होगा। बताना मुनाशिव होगा कि इस नगर के विकास की जीवन धारा सिंध जलावर्धन योजना सिर्फ और सिर्फ यशोधरा राजे सिंधिया सार्थक प्रयासों का परिणाम है जिसमें निवर्तमान कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव और वर्तमान कलेक्टर तरूण राठी का सहयोग रहा है। अब इस जल के आने के बाद न केवल इस नगर की आम जनता के सूखे कंठ तर होगें बल्कि कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया का सिंध का जल लाने का वचन भी पूरा होगा।
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