कोलकाता, 25 मार्च (आईएएनएस)। भाजपा की ओर से बुधवार को आरजी कर पीड़िता की मां को पानीहाटी से उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की प्रतिक्रिया सामने आई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने एक पोस्ट में लिखा कि रत्ना देबनाथ का पानीहाटी से भाजपा के साथ चुनावी मैदान में उतरना सिर्फ एक उम्मीदवारी नहीं है, बल्कि यह एक मजबूत दावा है कि पश्चिम बंगाल की बेटियों को अब चुप नहीं कराया जाएगा।
धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि एक मां का दुख न्याय की एक अटूट कोशिश में बदल गया है। उनकी आवाज अब पूरे राज्य में न्याय, सम्मान और महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक आंदोलन बन गई है। महिलाओं की सुरक्षा पर ममता बनर्जी और टीएमसी की बार-बार की नाकामियों ने जनता का भरोसा तोड़ दिया है। उनके राज में, अनगिनत आवाजें अनसुनी हो गईं। हर आवाज उस सिस्टम की याद दिलाती है, जिसने अपनी बेटियों को नाकाम किया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक चुनाव नहीं है। यह एक नैतिक हिसाब-किताब है। एक मां की हिम्मत अब टूटे हुए सिस्टम को सीधी चुनौती दे रही है, जो बंगाल की हर बेटी के लिए न्याय, जवाबदेही और स्थायी बदलाव की सामूहिक मांग में बदल रही है।
दूसरी तरफ, टीएमसी नेता कुणाल घोष ने एक वीडियो जारी कर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आरजी कर की पीड़िता की मां भाजपा की प्रत्याशी बन गई हैं। इसका हम पूरा आदर करते हैं और सहानुभूति है। लेकिन उन्होंने खुद का सम्मान खो दिया है। पीड़िता के साथ हुए दुष्कर्म की हम लोगों ने निंदा की। कोलकाता पुलिस ने 24 घंटे के अंदर दोषी को गिरफ्तार किया। पीड़िता के माता-पिता ने सीबीआई जांच की मांग की थी। इस मामले पर सीबीआई की जांच हुई।
उन्होंने कहा कि सीबीआई ने कोलकाता पुलिस की जांच को सही ठहराया। ट्रायल कोर्ट, हाई कोर्ट, और सुप्रीम कोर्ट ने जांच को मॉनिटर किया और सही ठहराया। बाद में माता-पिता सीबीआई जांच से भी संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कहा कि सीबीआई किसके अंडर आता है। सीबीआई भाजपा के अधीन आता है। अब वह भाजपा की उम्मीदवार बन गईं।
–आईएएनएस
एसडी/एबीएम
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