केंद्र सरकार की कथित राष्ट्र विरोधी और जन विरोधी आर्थिक नीतियों के खिलाफ वाम समर्थक केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने आज इस साल के पहले ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। इसमें करीब 25 करोड़ लोग शामिल हो सकते है। वही केंद्र सरकार ने आदेश जारी कर कर्मचारियों को हड़ताल से दूर रहने की चेतावनी दी है।
LIVE UPDATES
– तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में माउंट रोड पर लोगों ने प्रोटेस्ट शुरू किया है।
– प्रदर्शनकारियों ने हावड़ा में रेलवे ट्रैक को ब्लॉक किया।
– पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना में प्रदर्शनकारियों ने कांचरापारा में रेलवे ट्रैक को अवरुद्ध किया।
– सिलीगुड़ी में उत्तर बंगाल राज्य परिवहन निगम (NBSTC) की बस चालक ने भारतबांध के दौरान विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर एक हेलमेट पहन रखा है।

– मुंबई में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कर्मचारियों ने भारत पेट्रोलियम के रणनीतिक विनिवेश के सरकार के फैसले का विरोध किया।
सेंटर फॉर इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) का कहना है कि सरकारी कंपनियों और बैंकों का निजीकरण रोकने, न्यूनतम मजदूरी बढ़ने, सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा उदारीकरण तथा सुधार संबंधी आर्थिक नीतियों पर सरकार के साथ बातचीत विफल होने पर आठ जनवरी को राष्ट्र व्यापी हड़ताल ‘ भारत बंद’ का आयोजन किया है।
इन संगठनों में इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस, हिन्द मजदूर सभा, सेंटर फॉर इंडियन ट्रेड यूनियंस, ऑल इंडिया यूनाईटेड ट्रेड यूनियन सेंटर, ट्रेड यूनियन कार्डिनेशन सेंटर, सेल्फ इम्प्लॉयड वीमेंस एसोसियेशन, ऑल इंडिया सेंट्रल कौंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस, लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन और यूनाईटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस से जुड़ श्रमिक संघ हिस्सा ले रहे हैं।
हालांकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े भारतीय मजदूर संघ ने ‘भारत बंद’ का समर्थन नहीं किया है। श्रमिक संघों का कहना है कि ‘भारत बंद’ के दौरान देश के प्रत्येक औद्योगिक क्षेत्र में धरने प्रदर्शन किये जाएगें और जन सभायें आयोजित होगीं। हालांकि चिकित्सा, खाद्य पदार्थों, अग्नि सेवा तथा जलापूर्ति जैसी आवश्यक सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा गया है।
इसके अलावा श्रमिक संघों का कहना है कि कल स्कूल, कॉलेज तथा अन्य शैक्षिक संस्थान बंद रहेंगे। सार्वजनिक बैंकों में भी कामकाज नहीं होने की बात श्रमिक संघों ने कही है। उन्होंने कहा कि भारत बंद में विभिन्न उद्योग क्षेत्रों और समाज के विभिन्न तबकों के तकरीबन 25 करोड़ लोग भाग लेंगे।


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