भारतीय प्रादेशिक सेना में नौकरीपेशा लोग पार्ट-टाइम देते हैं सेवाएं, कई अभियानों में ले चुके हैं हिस्सा

Summary :

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश में हर वर्ष 9 अक्टूबर को प्रादेशिक सेना दिवस मनाया जाता है। 18 अगस्त 1948 को प्रादेशिक सेना अधिनियम पारित किया गया था। देश के पहले गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी की ओर से प्रादेशिक सेना का औपचारिक उद्घाटन किया गया था। यह भारतीय सेना के बाद देश की रक्षा की दूसरी पंक्ति है। इसमें ऐसे लोग शामिल होते हैं, जो अपने पेशे के साथ ही सेना में पार्ट-टाइम सेवाएं देते हैं। प्रादेशिक सेना में लगभग 50 हजार लोग शामिल हैं। सैनिक ट्रेनिंग लेने वाले आम नागरिकों को वक्त आने पर देश की सेवा के…

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश में हर वर्ष 9 अक्टूबर को प्रादेशिक सेना दिवस मनाया जाता है। 18 अगस्त 1948 को प्रादेशिक सेना अधिनियम पारित किया गया था। देश के पहले गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी की ओर से प्रादेशिक सेना का औपचारिक उद्घाटन किया गया था। यह भारतीय सेना के बाद देश की रक्षा की दूसरी पंक्ति है। इसमें ऐसे लोग शामिल होते हैं, जो अपने पेशे के साथ ही सेना में पार्ट-टाइम सेवाएं देते हैं।

प्रादेशिक सेना में लगभग 50 हजार लोग शामिल हैं। सैनिक ट्रेनिंग लेने वाले आम नागरिकों को वक्त आने पर देश की सेवा के लिए बुलाया जाता है। इस दौरान प्रादेशिक सेना में शामिल लोग अपना मूल काम छोड़कर सेवाएं देते हैं। प्रादेशिक सेना का इतिहास प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक देखा जा रहा है। संस्था देश की रक्षा व्यवस्था में योगदान देती रही है। ‘नागरिक सेना’ के अस्तित्व को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए पहला प्रदेशिक सेना सप्ताह 8-15 नवंबर 1952 को मनाया गया था।

प्रादेशिक सेना के जवानों ने 1962, 1965, 1971 और 1999 के युद्धों में भाग लिया था। इसके अलावा, प्रादेशिक सेना के जवान सेना के कई अभियानों में हिस्सा ले चुके हैं। प्रदेशिक सेना के जवान नियमित सेना के साथ मिलकर काम करते हैं। ये आपातकाल या संघर्ष के समय सहयोग देते हैं। प्रादेशिक सेना में भर्ती होने के लिए युवाओं की आयु 18 से 42 वर्ष के बीच होनी चाहिए। प्रदेशिक सेना में अधिकारी बनने के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी आवश्यक है।

इसका नेतृत्व तीन सितारा रैंक के प्रादेशिक सेना महानिदेशक की ओर से किया जाता है, जो आमतौर पर भारतीय सेना से प्रतिनियुक्त लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अधिकारी होते हैं और रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग के अधीन चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के नेतृत्व में होता है। प्रादेशिक सेना की दो इकाइयां हैं: पहली विभागीय इकाई जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) और भारतीय रेलवे के कर्मचारी और पूर्व सैनिक शामिल हैं और दूसरी गैर-विभागीय इकाई जिसमें निजी क्षेत्र में कार्यरत नागरिक शामिल हैं।

–आईएएनएस

एसडी/पीएम

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

IANS Agency

The Indo-Asian News Service (IANS) is a private news agency providing round-the-clock, in-depth coverage of politics, business, entertainment, and world affairs from India and South Asia.