प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भूटान की उनकी दो दिवसीय यात्रा दोनों देशों के बीच समय की कसौटी पर खरी उतरने वाली मित्रता को और बढ़ावा देगी और एक समृद्ध भविष्य के लिए इसे मजबूत करेगी। मोदी की भूटान यात्रा शनिवार से आरम्भ होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के मौजूदा कार्यकाल की शुरुआत में यह यात्रा दिखाती है कि भारत ‘‘हमारे विश्वसनीय मित्र एवं पड़ोसी’’ भूटान के साथ संबंधों को कितना महत्व देता है।
मोदी ने अपने प्रस्थान संबंधी बयान में कहा, ‘‘भारत और भूटान के बीच बेहतरीन द्विपक्षीय संबंध हैं और हमारी विस्तृत विकास साझीदारी, दोनों देशों के लिए लाभकारी पनबिजली सहयोग और मजबूत व्यापार एवं आर्थिक संबंध इसका उदाहरण हैं। हमारी साझी आध्यात्मिक विरासत और लोगों के बीच मजबूत आपसी संबंध इसे और सुदृढ़ बनाते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे भरोसा है कि मेरी यात्रा भूटान के साथ समय की कसौटी पर खरी उतरी और हमारी मूल्यवान मित्रता, को प्रोत्साहित करेगी और दोनों देशों के लोगों की प्रगति एवं समृद्ध भविष्य को और मजबूत करेगी।’’
मोदी ने कहा कि भारत-भूटान साझीदारी ‘पड़ोसी पहले’ की भारत की नीति का महत्वपूर्ण स्तम्भ है।
प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और भूटान के चौथे नरेश जिग्मे सिग्ये वांगचुक से भेंट करेंगे। वह अपने भूटानी समकक्ष डॉ. लोटे शेरिंग के साथ भी बैठक करेंगे ।
मोदी ने कहा कि वह भूटान नरेश, भूटान के पूर्व नरेश और भूटान के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर फलदायी बातचीत करने को लेकर उत्साहित हैं। मोदी इस यात्रा में भूटान की प्रतिष्ठित ‘रॉयल यूनिवर्सिटी’ के छात्रों को भी संबोधित करेंगे।


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