भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) को दिवाली तक स्थगित करने के लिए शिक्षा मंत्रालय को निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने चेताया है कि अगर ऐसा नहीं होता है तो विद्यार्थी आत्महत्या का रास्ता अपनाएंगे।
मोदी को लिखे अपने महत्वपूर्ण पत्र में स्वामी ने कहा, मेरी राय में परीक्षा आयोजित करने से देशभर के युवाओं द्वारा बड़ी संख्या में आत्महत्याएं किए जा सकती हैं। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं होने का हवाला भी दिया। स्वामी ने मुंबई का एक उदाहरण देते हुए दावा किया, कोई सार्वजनिक परिवहन नहीं है और लोगों को अन्य क्षेत्रों से आना पड़ता है, अक्सर 20 से 30 किलोमीटर दूर से। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण कई स्थानों पर लागू प्रतिबंधों के कारण ऐसी स्थिति है।
इससे पहले राज्यसभा सांसद स्वामी ने शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल से भी परीक्षाएं स्थगित करने का आग्रह किया था। उन्होंने इसका जिक्र करते हुए पत्र में कहा कि दिवाली तक परीक्षाएं स्थगित करने के सुझाव के प्रति पोखरियाल को भी सहानुभूति है। उन्होंने कहा कि हालांकि इसे प्रधानमंत्री की सहमति की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कोरोना वायरस प्रकोप का हवाला देते हुए दोनों प्रवेश परीक्षाओं को स्थगित करने की याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा कि वायरस के प्रकोप के बावजूद जीवन गुजर रहा है और सितंबर में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के फैसले में दखल देकर वह छात्रों के करियर को खतरे में नहीं डाल सकता है।
कोरोना वायरस के चलते नीट और जेईई मेन परीक्षाओं को दो बार स्थगित किया जा चुका है। पहले ये परीक्षाएं मई में होनी थीं, जिन्हें बाद में जुलाई में करवाने का फैसला किया गया। हालांकि संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर नीट और जेईई मेन की परीक्षाएं सितंबर में कराने का फैसला किया गया। अब जेईई मेन की परीक्षाएं एक से छह सितंबर और नीट की परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित की जानी है।


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