केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि भाजपा ने कभी भी जाति आधारित जनगणना के विचार का विरोध नहीं किया लेकिन उनकी पार्टी इस मुद्दे पर ‘वोट की राजनीति’ नहीं करती है। भाजपा के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र जारी करते हुए शाह ने यह टिप्पणी की।
सत्तारूढ़ कांग्रेस द्वारा राज्य में जाति आधारित जनगणना कराने के सवाल पर शाह ने कहा, ”हम राष्ट्रीय राजनीतिक दल हैं। वोटों की राजनीति नहीं करते हैं। सभी से चर्चा कर, जो उचित निर्णय होगा उसे हम जरूर करेंगे। लेकिन इसके आधार पर चुनाव की नैया पार लगाना ठीक नहीं है।” उन्होंने कहा, ”भारतीय जनता पार्टी ने कभी इसका (जाति आधारित जनगणना) विरोध नहीं किया लेकिन इन सब मुद्दों पर सोच-समझकर निर्णय करना पड़ता है। उचित समय आने पर हम बताएंगे।” कांग्रेस ने राज्य में सत्ता बरकरार रहने पर जाति आधारित जनगणना कराने का वादा किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी राज्य में अपनी रैलियों के दौरान भाजपा नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल कर रहे हैं कि ‘‘अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ओबीसी के कल्याण के बारे में बात करते हैं, तो वह जाति आधारित जनगणना से क्यों डरते हैं।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले महीने जगदलपुर (बस्तर जिला) में अपनी रैली के दौरान कहा था कि उनके लिए गरीब ही देश की सबसे बड़ी आबादी है और देश के संसाधनों पर पहला अधिकार उनका होना चाहिए, चाहे वे किसी भी जाति और समुदाय से हों।


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