शिवसेना ने आज अपनी सहयोगी भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस सोशल मीडिया के मंच ने भगवा पार्टी को चुनावों में जीत दिलायी वही पार्टी (भाजपा) अब सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना को सहन नहीं कर पा रही है।
शिवसेना ने कहा कि सरकार को इन आलोचनाओं के प्रति अनुदार रवैया दिखाने के बजाय आत्मचिंतन करना चाहिए और जहां उसने गलती की है उसे ठीक करना चाहिए। शिवसेना के मुखपत्र सामना के सम्पादकीय में लिखा गया है, भाजपा सरकार का रुख है कि प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्रियों का अपमान नहीं हो और लोग धीरज बरतें।
इसमें पूछा गया, आखिर यह धैर्य और अच्छा आचरण मनमोहन सिंह के समय कहां गायब हो गया था और जब वह (मनमोहन सिंह) फिर से प्रधानमंत्री बने तब भी उनका मजाक उड़ाया गया। सम्पादकीय में कहा गया कि भाजपा की स्थिति ऐसी है मानो जिसके लिये उसने गड्ढा खोदा वह उसी में गिर गयी हो।
शिवसेना ने कहा, विपक्ष को नीचा दिखाने के लिये जिस सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया अब वही भाजपा का पर्दाफाश कर रही है। इसमें कहा गया, सथा में आने के बाद जब सरकार के वादे झूठे साबित हुए और युवाओं ने जब उनकी खिल्ली उड़ानी शुरू की तब वह इसे सहन नहीं कर पायी। प्रधानमंत्री को यह साफ कर देना चाहिए कि सरकार या भाजपा के बारे में किसी को अपना विचार जाहिर की आजादी नहीं है।


Download Android App
Download iOS App



