कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों द्वारा शनिवार को चक्का जाम करने का ऐलान किया गया है। इस बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बयान दिया है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चक्का जाम नहीं किया जाएगा। इन दोनों राज्यों में जिला मुख्यालय पर किसान कृषि कानूनों के विरोध में केवल ज्ञापन दिए जाएंगे।
राकेश टिकैत ने कहा कि कल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कोई चक्का जाम नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन दोनों जगहों को लोगों को स्टैंडबाय में रखा गया है और उन्हें कभी भी दिल्ली बुलाया जा सकता है, इसलिए यूपी-उत्तराखंड के लोग अपने ट्रैक्टरों में तेल-पानी डालकर तैयार रहें।
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उन्होंने कहा कि अन्य सभी जगहों पर तय योजना के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से काम होगा। इस बार का चक्का जाम सिर्फ तीन घंटे का होगा। इस दौरान लोग अपने-अपने इलाकों में सड़कों को जाम करेंगे और रास्तों पर बैठकर विरोध दर्ज कराएंगे। तीन घंटे के बाद प्रदर्शनकारियों द्वारा गांव, ब्लॉक और जिला स्तर पर स्थानीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंप दिया जाएगा।
राकेश टिकैत और किसान आंदोलन संघर्ष मोर्चा के नेता बलबीर सिंह के बीच शुक्रवार की दोपहर गाजीपुर बॉर्डर पर एक बैठक हुई जिसमें छह तारीख की घोषणा को लेकर विस्तृत चर्चा और कार्य योजना पर विचार विमर्श किया गया। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद किसान मोर्चा ने घोषणा करते हुए बताया कि देश के विभिन्न इलाकों में छह तारीख को परीक्षा और अन्य कार्यक्रम हैं। ऐसे में बंद का आवाहन करने से छात्रों और जन सामान्य को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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इन सब बातों पर विचार विमर्श करने के लिए किसान आंदोलन संघर्ष मोर्चा के नेता बलवीर सिंह और राकेश टिकैत ने गाजीपुर बार्डर पर बैठक की। बैठक के बाद शुक्रवार को राकेश टिकैत ने इस संबंध में बताया कि हरियाणा और पंजाब में गेहूं की कटाई लगभग अंतिम चरण में है वहां बंद का आवाहन पूर्व की भांति जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश में बंद का आह्वान नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
टिकैत ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उत्तर प्रदेश उत्तराखंड में गेहूं की कटाई अभी नहीं हुई है ऐसे में किसान को थकाना नहीं है किसान की ऊर्जा बनी रहे और वह क्रमवार आंदोलन में अपना योगदान भी देते रहे। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर दिए जाने वाले ज्ञापन में स्थानीय मुद्दे, एमएसपी पर कानून और कृषि कानूनों को वापस लेने की बात कही जाएगी।


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