देहरादून, 23 जून (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम एवं हेमकुंट साहिब यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुख-सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेशभर में आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का देवभूमि उत्तराखण्ड में हार्दिक स्वागत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आस्था, संस्कृति और प्रकृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से अपील की कि वे देवभूमि उत्तराखण्ड के शांत वातावरण में अपनी यात्रा का पूर्ण आनंद लें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।
उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आई घटनाओं के संबंध में सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार, प्रशासन एवं पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। जांच में जो भी दोषी पाया गया है, उसके विरुद्ध कार्रवाई की गई है तथा सभी तथ्यों के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चारधाम यात्रा के साथ-साथ हेमकुंट साहिब यात्रा भी सुचारु रूप से संचालित हो रही है। चारधाम यात्रा में अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, हेमकुंट साहिब यात्रा के शुरुआती दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 25 हजार अधिक दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में सिख गुरुओं द्वारा स्थापित तीन प्रमुख पवित्र स्थल – हेमकुंट साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब – स्थित हैं, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि सभी का सम्मान करना देवभूमि उत्तराखण्ड की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के अनुरूप यहां आने वाले सभी लोगों का स्वागत एवं सत्कार किया जाता है।
सीएम धामी ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों से अपील की कि वे समाज और समुदायों को बांटने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोगों ने मिल-जुलकर देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रामक और भड़काऊ खबरें फैलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि हमारे सभी धार्मिक स्थल आस्था, श्रद्धा और प्रेरणा के केंद्र हैं, जहां से समाज को सकारात्मक मार्गदर्शन प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट रुख है कि देवभूमि उत्तराखण्ड में ऐसा कोई कृत्य स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचे या किसी धर्म एवं आस्था को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि संवाद, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण वातावरण के माध्यम से ही सभी समस्याओं का समाधान संभव है।
इस अवसर पर बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिन्द्रा, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, अपर मुख्य सचिव आरके सुधांशु, सचिव गृह शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, डीजी अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, आईजी श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा अपर सचिव तृप्ति भट्ट उपस्थित थे।
–आईएएनएस
डीकेपी/
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



