रायपुर, 9 जुलाई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ की महासमुंद पुलिस ने राज्य से 1,700 किलोमीटर दूर तमिलनाडु से दो गांजा सप्लायर को गिरफ्तार किया। दरअसल, महासमुंद पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब चार माह से फरार ओडिशा के गांजा सप्लायर को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया है।
आरोपी घटना के बाद ओडिशा छोड़कर तमिलनाडु समेत अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने बदलकर छिपा हुआ था। थाना खल्लारी पुलिस और साइबर टीम की तकनीकी जांच एवं लगातार निगरानी के बाद उनके ठिकाने का पता लगाया गया और लगभग 1,700 किलोमीटर दूर तमिलनाडु के तिरुपुर सिटी से उन्हें गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लाया गया।
यह कार्रवाई थाना खल्लारी के अपराध क्रमांक 19/2026, धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज प्रकरण में की गई है। इस मामले में पहले ही दो गांजा परिवहनकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि उनके कब्जे से 23.790 किलोग्राम गांजा, एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन समेत कुल 12.60 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई थी।
पुलिस के अनुसार, 17 फरवरी को मुखबिर की सूचना पर एनएच-353 स्थित जोरातराई मोड़ पर नाकेबंदी की गई। इस दौरान ओडिशा से खल्लारी की ओर आ रही एक मोटरसाइकिल को रोककर तलाशी ली गई। वाहन पर सवार अभिषेक यादव (उम्र 22 वर्ष, निवासी अंजोरा, जिला दुर्ग) तथा दीपक चंदन (उम्र 22 वर्ष, निवासी कोहका, जिला दुर्ग) के कब्जे से नौ पैकेटों में 23 किलो 790 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने गांजा, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था।
बता दें कि पुलिस को मामले को लेकर की गई पूछताछ, तकनीकी साक्ष्यों और शुरू से आखिर तक की जांच के आधार पर पुलिस को पता चला कि गांजा उपलब्ध कराने वाला मुख्य आरोपी बसंता सुना (निवासी भरूवामुंडा, थाना बेलपड़ा, जिला बलांगीर (ओडिशा)) घटना के बाद फरार हो गया था। पुलिस ने पहले उसके ओडिशा स्थित घर पर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद साइबर टीम ने मोबाइल लोकेशन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर उसकी लोकेशन तमिलनाडु के तिरुपुर सिटी स्थित वीरापंडी क्षेत्र में ट्रेस की।
महासमुंद से रवाना हुई पुलिस टीम ने तमिलनाडु पहुंचकर वीरापंडी क्षेत्र में दबिश दी और मुख्य आरोपी बसंता सुना (उम्र 30 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने उसे 7 जुलाई को विधिवत गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया और 9 जुलाई को महासमुंद लाकर विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) न्यायालय में पेश किया।
बता दें कि यह कार्रवाई मादक पदार्थों की तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एंड-टू-एंड जांच का परिणाम है। मामले में पुलिस की तकनीकी जांच, साइबर विश्लेषण और लगातार की गई कार्रवाई से मुख्य सप्लायर तक पहुंचने में सफलता मिली है।
–आईएएनएस
डीके/डीकेपी
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