Churachandpur Protest Update: मणिपुर में नई सरकार बनने के 24 घंटे बाद ही एक बार हिंसा की आग भड़क गई है। बता दें कि नए उपमुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के विरोध में नेमचा किपगेन और लोसी डिखो के बीच चुराचंदपुर जिले में सुरक्षा बलों और भीड़ के बीच झड़प होने के बाद प्रदर्शन हिंसक हो गया। यह विरोध प्रदर्शन शाम करीब 6 बजे तुइबोंग मेन मार्केट इलाके में शुरू हुआ, जहां सैकड़ों युवा प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों को उनकी बैरकों में वापस धकेलने की कोशिश की। जब सुरक्षा बलों ने सहयोग करने से मना कर दिया, तो पत्थरबाजी के साथ-साथ झड़पें भी बढ़ गईं, जबकि अन्य लोगों ने सड़क के बीच में टायर जला दिए।
Churachandpur Protest Update

युवाओं का गुस्सा और आक्रोश उस समय भड़क उठा जब उन्हें यह विश्वास दिलाया गया कि कुकी ज़ोमी पार्टी के तीन विधायक मणिपुर सरकार में शामिल हो रहे हैं, जिनमें से नेमचा ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है और अन्य दो, एलएम खौटे और न्गुरसंगलुर, की शपथ ग्रहण होना बाकी है। असम राइफल्स के अधिकारियों ने स्थिति को शांत करने के लिए तैनात किया गया था, लेकिन शुरुआती प्रयास बहुत कम सफल रहे। सुरक्षा बलों ने अस्थायी रूप से पीछे हटकर अपनी स्थिति बनाए रखी, जबकि प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए।
Manipur Violence Erupts
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन हटाया गया औऱ नई सरकार का गठन किया गया लेकिन 24 घंटे के बाद ही हिंसा की आग में मणिपुर फिर झुलस रहा है। कुकी समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए है और चुराचांदपुर में विधायकों को सरकार के गठन में शामिल ना होने की चेतावनी दी है। साथ ही चुराचांदपुर बंद करने का ऐलान भी किया है। लगभग 12 घंटे तक बंद रखने का आह्वान किया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों के साथ पत्थरबाजी, झड़प और गोलीबारी की घटना भी सामने आई है।
Manipur News Today

अब राष्ट्रपति शासन खत्म होने के बाद राज्य में फिर से चुनी हुई सरकार काम करेगी। युमनाम खेमचंद के सामने सबसे बड़ी चुनौती शांति बहाल करना और विस्थापित लोगों की मदद करना होगी। जनता को उम्मीद है कि नई सरकार मणिपुर को स्थिरता की राह पर वापस लाएगी और विकास कार्यों को तेज करेगी।
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