नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़नों का शुरू होना जहां कई अनिश्चित कारकों पर निर्भर करता है, वहीं इस साल के अंत तक घरेलू उड़नों से संबंधित आंकड़ पिछले साल के स्तर पर पहुंच जायेंगे।
पुरी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दो महीने की पाबंदी के बाद इस सरकार ने पहले से मंजूर घरेलू उड़नों की एक-तिहाई के परिचालन की अनुमति दी है, लेकिन अभी सिर्फ 25 प्रतिशत उड़नें ही टेकऑफ कर रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल मध्य जुलाई तक यह आंकड़ बढ़कर 50-55 प्रतिशत पर पहुंच जायेगा तथा साल के अंत तक पिछले साल के स्तर को छू लेगा।
उन्होंने बताया कि पिछले साल अधिकतम 650 विमान प्रतिदिन उड़न भर रहे थे। पूरे साल के दौरान यात्रियों की संख्या 14.5 करोड़ थी और भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार था। हम इस साल के अंत तक उसी स्थिति पर पहुंच जायेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हम दूसरे देशों के मुकाबले नागरिक उड्डयन में काफी बेहतर स्थिति में हैं।’’ उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के कारण दो महीने तक घरेलू यात्री उड़नों पर प्रतिबंध के बाद 25 मई से उड़नें बहाल की गई हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़नें अभी 22 मार्च से बंद हैं।
एक प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़नें बहाल करने से पहले कुछ कारकों का अनुकूल होना जरूरी है। जब तक दूसरे देश अपने यहां उड़नों और यात्रियों को उतरने की अनुमति नहीं देंगे, हम अंतरराष्ट्रीय उड़न शुरू नहीं कर सकते।
कोविड-19 के संक्रमण की स्थिति भी एक कारक है। उन्होंने कहा कि विदेशों से आने वाले यात्रियों को क्वारंटीन करने के लिए हमारी संबंधित राज्य सरकारों के पास पर्याप्त सुविधायें होनी चाहिए। इसके अलावा कम से घरेलू उड़नों की संख्या 50-55 प्रतिशत पर पहुंचनी भी जरूरी है ताकि बाहर से आने वाले यात्री देश में आने के बाद आगे की यात्रा भी आसानी से कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकारों की ओर से प्रतिबंध न हो तो हम 50-55 प्रतिशत के आंकड़ पर बेहद कम समय में पहुंच जायेंगे।


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