ऑपरेशन ‘केल्लर’ पर कांग्रेस विधायक ने सुरक्षा एजेंसियों से मांगी स्पष्टता

Summary :

नकली मुठभेड़ों पर कांग्रेस विधायक ने जताई चिंता

कांग्रेस विधायक निजामुद्दीन भट ने ऑपरेशन ‘केल्लर’ में मारे गए आतंकवादियों पर सुरक्षा एजेंसियों से स्पष्टता की मांग की। उन्होंने जोर दिया कि सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करें कि कोई निर्दोष न मारा जाए और आतंकवादी की पहचान की पुष्टि करें। उन्होंने फर्जी मुठभेड़ की संभावना पर चिंता जताई।

कांग्रेस विधायक निजामुद्दीन भट ने कई अहम मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने हाल ही में ऑपरेशन ‘केल्लर’ में मारे गए तीन आतंकवादियों की तस्वीर को लेकर सुरक्षा बलों की जिम्मेदारियों पर भी टिप्पणी की।

कांग्रेस विधायक ने कहा कि सरकार सुरक्षा बलों को दो स्पष्ट आदेश देती है। पहला यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी नुकसान न हो और कोई भी निर्दोष व्यक्ति न मारा जाए और यदि आतंकवादी या उग्रवादी मारे जाते हैं, तो सुरक्षा एजेंसियों को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और पुष्टि करनी चाहिए कि वे वास्तव में आतंकवादी थे। कोई भी फर्जी मुठभेड़ या कुछ भी गलत नहीं होना चाहिए। यदि यह एक फर्जी मुठभेड़ है और ऐसा कुछ सामने आता है, तो यह उल्लंघन है। एक अनुशासित बल ऐसा नहीं कर सकता।

उन्होंने सिंधु जल संधि को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह संधि पाकिस्तान के साथ उस समय की गई थी, जब जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा प्राप्त था। उन्होंने विधानसभा में इस मुद्दे को कई बार उठाया है।

उन्होंने कहा कि मैंने यह मांग की है कि सिंधु जल संधि से जुड़े सभी संसाधनों और लाभों पर पुनर्विचार होना चाहिए। यदि आवश्यक हुआ तो इसके लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।

पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर भी भट ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि युद्ध के बाद जब दो जनरल बातचीत कर सकते हैं, तो दो राजनीतिक सरकारों के बीच बातचीत में क्या आपत्ति हो सकती है? मैंने पहले भी इंटरव्यू में कहा था कि संघर्ष के बाद एक हस्तक्षेप आता है और जब हस्तक्षेप होता है, तो वह संवाद होता है, दो जनरलों के बीच की बातचीत, तो फिर दो राजनीतिक सरकारों के बीच बातचीत में क्या समस्या है?

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