कोरोना : लॉकडाउन के चलते राज्यों में फंसे प्रवासी श्रमिकों और छात्रों के लिए रेलवे ने 6 स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की

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रेलवे ने शुक्रवार को 6 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। इनमें लिंगमपल्ली से हटिया, नासिक से लखनऊ, अलुवा से भुवनेश्वर, नासिक से भोपाल, जयपुर से पटना और कोटा से हटिया के बीच चलने वाली ट्रेन शामिल हैं।

देशभर में कोरोना वायरस का प्रकोप दिन पर दिन लगातार बढ़ता ही जा रहा है। संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने देशभर में लॉकडाउन लगा रखा है, जिसके कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रवास मजदूर और स्टूडेंट्स फंसे हुए हैं, जिसके कारण उन्हें कई तरह की दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है। इस बीच, रेलवे ने कहा है कि कोरोना वायरस के मद्देनजर 25 मार्च से देशभर में लागू लॉकडाउन के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे प्रवासी श्रमिकों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य लोगों की वापसी के लिए शुक्रवार को मजदूर दिवस ​​से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। पहली ऐसी ट्रेन शुक्रवार सुबह 4:50 बजे हैदराबाद से झारखंड के लिए रवाना हुई जिसमें 1,200 यात्री हैं।
रेलवे ने शुक्रवार को 6 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। इनमें लिंगमपल्ली से हटिया, नासिक से लखनऊ, अलुवा से भुवनेश्वर, नासिक से भोपाल, जयपुर से पटना और कोटा से हटिया के बीच चलने वाली ट्रेन शामिल हैं। रेलवे ने कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यह फैसला किया गया है कि लॉकडाउन के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे प्रवासी श्रमिकों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य लोगों के लिए शुक्रवार को मजदूर दिवस से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।
रेलवे ने कहा कि ये विशेष ट्रेनें दो स्थानों के बीच और दोनों राज्य सरकारों के अनुरोध पर चलेंगी और इसमें फंसे हुए लोगों को भेजने और पहुंचने से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। इन ट्रेनों के संबंध में समन्वय के लिए रेलवे और राज्य सरकारों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। रेलवे द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यात्रियों के रवाना होने से पहले राज्यों द्वारा उनकी जांच की जाएगी और जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण नहीं होंगे, उन्हें ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी।
साथ ही रेलवे ने कहा कि सामाजिक दूरी का पालन करते हुए राज्यों द्वारा यात्रियों को जत्थों में और संक्रमणमुक्त बसों में स्टेशन तक लाया जाएगा। सभी यात्रियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। ट्रेन जहां से चलेगी, वहीं यात्रियों को भेजने वाले राज्य की ओर से पानी और भोजन मुहैया कराए जाएंगे। रेलवे ने कहा कि वह यात्रियों के सहयोग से सामाजिक दूरी मानदंड और स्वच्छता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा। लंबी दूरी की ट्रेनों में रेलवे यात्रा के दौरान भोजन उपलब्ध कराएगा। ट्रेन के गंतव्य पर पहुंचने के बाद राज्य सरकार आगे का जिम्मा उठाएगी और यात्रियों की जांच कराएगी।

Desk Team