कोरोना का कहर : FCI में कोविड-19 का अब तक कोई मामला नहीं : पासवान

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पासवान ने कहा, ‘‘सरकार कोरोना योद्धाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है जो अपनी जान जोखिम में डालकर देश की सेवा कर रहे हैं।’’मौजूदा समय में 80,000 मजदूरों सहित एफसीआई में कुल 1,08,714 कर्मचारी और अधिकारीगण हैं

भारत में कोरोना वायरस का कहर तेजी से पैर पसार रहा है। यहां तक की वायरस का कहर अब सरकारी दफ्तरों तक भी पहुंच गया है। इस बीच, खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने सोमवार को संतोष जताया कि सरकारी उपक्रम भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के कर्मचारियों के बीच कोविड-19 का कोई भी मामला सोमने नहीं आया है। उन्होंने एफसीआई कर्मियों के काम की सराहना करते हुए कहा कि निगम के 1 लाख से भी अधिक कर्मचारी देशभर में सरकारी खाद्यान्न योजनाओं के 81 करोड़ लाभार्थियों के बीच खाद्यान्नों के वितरण के काम में अग्रिम मोर्चे पर अथक जुटे हुए हैं।
पासवान ने कहा, ‘‘शुक्र है, एफसीआई में अभी तक ऐसा कोई कोविड-19 का मामला नहीं है। हमारे कर्मचारी सभी जोखिम उठा कर काम पर आ रहे हैं। वे हमारे कोरोना योद्धा हैं जो इस महामारी की स्थिति के बीच भी यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि खाद्यान्न गरीबों तक पहुंचे।’’ उन्होंने कहा कि निगम के किसी कर्मचारी या श्रमिक की 24 मार्च से लॉकडाउन के दौरान ड्यूटी करने के छह महीने के अंदर कोविड ​​-19 से मृत्यु हो जाती है उसके परिजनों को 35 लाख रुपये तक का जीवन बीमा का संरक्षण मिलेगा। इसके लिए निगम के एक लाख से अधिक कर्मियों और मजदूरों का बीमा कराया गया है।
पासवान ने कहा, ‘‘सरकार कोरोना योद्धाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है जो अपनी जान जोखिम में डालकर देश की सेवा कर रहे हैं।’’मौजूदा समय में 80,000 मजदूरों सहित एफसीआई में कुल 1,08,714 कर्मचारी और अधिकारीगण हैं। पासवान ने यह भी कहा कि देश में गरीबों की मांग को पूरा करने के लिए सरकार के पास पर्याप्त खाद्यान्न भंडार उपलब्ध है।

Desk Team