प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के सबसे बड़े कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत करने जा रहे हैं। मोदी शनिवार की सुबह वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इसकी शुरुआत करेंगे। इस मौके पर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 3006 टीकाकरण केंद्र वीडियो कांर्फेंसिग से जुड़ेंगे। टीकाकरण के शुभारंभ दिवस पर प्रत्येक केंद्रो में करीब 100 लोगों को टीके लगाये जायेंगे।
कार्यक्रम के तहत हेल्थ केयर वर्कर्स जैसे प्राथमिकता वाले समूहों को पहले टीकाकरण का लाभ दिया जायेगा। सरकारी और निजी क्षेत्र में एकीकृत बाल विकास योजना के तहत कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों (आंगनबाड़ सहायिका ) का पहले चरण में टीकाकरण किया जायेगा।कोरोना महामारी, वैक्सीन रोलआउट और को-विन सॉफ़्टवेयर से संबंधित जानकारी प्रदान करने के लिए सप्ताह के 24 घंटे समर्पित कॉल सेंटर -1075 भी स्थापित किया गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्माण भवन परिसर में बनाए गए विशेष कोविड-19 नियंत्रण कक्ष का जायजा लिया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि चरणबद्ध तरीके से प्राथमिकता समूह के लोगों को टीके की खुराक दी जाएगी। आईसीडीएस (एकीकृत बाल विकास सेवा) कर्मियों समेत सरकारी और निजी क्षेत्र में काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को इस चरण में टीके दिए जाएंगे।
हर्षवर्धन ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ भारत का टीकाकरण अभियान दुनिया में सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान होगा। उन्होंने कहा कि सीरम इंस्टिट्यूट द्वारा विकसित ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक द्वारा विकसित ‘कोवैक्सीन’, दोनों टीकों को सुरक्षा के मानकों पर सुरक्षित और असरदार पाया गया है तथा महामारी को रोकने में यह सबसे महत्वपूर्ण औजार है।
‘कोविशील्ड’ और ‘कोवैक्सीन’ की 1.65 करोड़ खुराकों में से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को डाटाबेस में उपलब्धस्वास्थ्यकर्मियों की संख्या के हिसाब से टीकों का आवंटन कर दिया गया है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 10 प्रतिशत खुराकों को सुरक्षित रखने और एक दिन में एक सत्र में 100 लोगों के टीकाकरण के लिए कहा गया है।


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