कोरोना महामारी से जूझ रही दुनिया के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। ब्रिटेन ने फाइजर-बायोएनटेक (Pfizer-BioNTech Coronavirus Vaccine) की कोरोना वायरस वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही फाइजर और बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन को मंजूरी देने वाला ब्रिटेन पहला पश्चिमी देश बन गया है। वैक्सीन अगले हफ्ते से ब्रिटेन में उपलब्ध होगा।
दुनिया में कोरोना वायरस का आंकड़ा 6.4 करोड़ पहुंच चुका है, जिसमें से 1,487,884 मौत हो गई हैं। ब्रिटेन की दवा और स्वास्थ्य उत्पाद नियामक एजेंसी (एमएचआरए) ने बताया कि यह टीका उपयोग में लाने के लिए सुरक्षित है। दावा किया गया था कि यह टीका कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए 95 प्रतिशत तक असरदार रहा है।
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प्रसिद्ध और प्रमुख अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर और जर्मन कंपनी बायोएनटेक ने साथ मिलकर इस टीके को विकसित किया है। कंपनी ने हाल में दावा किया था कि परीक्षण के दौरान उसका टीका सभी उम्र, नस्ल के लोगों पर कारगर रहा। ब्रिटेन सरकार ने एमएचआरए को कंपनी द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़ों पर गौर कर यह देखने को कहा था कि क्या यह गुणवत्ता, सुरक्षा और असर के मामले में सभी मानकों पर खरा उतरता है।
ब्रिटेन को 2021 के अंत तक दवा की चार करोड़ खुराक मिलने की संभावना है। इतनी खुराक से देश की एक तिहाई आबादी का टीकाकरण हो सकता है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैंकॉक ने पिछले महीने कहा था कि नियामक से मंजूरी मिल जाने पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) टीकाकरण करने के लिए तैयार है। एनएचएस के पास टीकाकरण का व्यापक अनुभव है और उसके पास सारी व्यवस्थाएं भी हैं। टीके का उत्पादन बायोएनटेक के जर्मनी स्थित केंद्रों के साथ ही फाइजर की बेल्जियम स्थित यूनिट में किया जाएगा।


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