छत्तीसगढ़ में एक कोयला ब्लाक के आवंटन से जुड़े मामले में सीबीआई आरोपों को साबित करने में ‘‘बुरी तरह से नाकाम’’ रही और अदालत ने बृहस्पतिवार को पूर्व कोयला सचिव एच सी गुप्ता तथा दिल्ली की एक कंपनी को बरी कर दिया।
विशेष न्यायाधीश भरत पराशर ने कहा कि सीबीआई आरोपी गुप्ता और दिल्ली स्थित पुष्प स्टील्स एंड माइनिंग प्रा. लि के खिलाफ विभिन्न आरोपों को साबित करने में ‘‘बुरी तरह से नाकाम’’रही। गुप्ता 31 दिसंबर 2005 से नवंबर 2008 तक कोयला सचिव थे।
यह मामला कंपनी को कोयला ब्लॉक के आवंटन में कथित अनियमितताओं से संबंधित था। कंपनी को स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिश पर छत्तीसगढ़ में ब्रह्मपुरी कोयला ब्लॉक आवंटित किया गया था।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दोनों आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं हुए और अभियोजन किसी भी आरोप को साबित करने में नाकाम रहा।
एजेंसी ने अपने आरोपपत्र में आरोप लगाया था कि कंपनी ने कोयला ब्लॉक के लिए आवेदन करते समय तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया था।
आरोपी की ओर से अपील करते हुए अधिवक्ता रजत माथुर ने आरोपों से इनकार किया था और दावा किया था कि सीबीआई का मामला गलत था।


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