कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को पश्चिम बंगाल पुलिस को निर्देश दिया कि वह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ कथित रूप से मानहानिपूर्ण और भड़काऊ बयान देने के लिए दर्ज एक प्राथमिकी के सिलसिले में केस डायरी पेश करे।
शाह ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने के अनुरोध के साथ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने दावा किया है कि उनके खिलाफ आरोप महत्वहीन और मनगढंत हैं।
प्राथमिकी अतनु गिरि नाम के एक व्यक्ति ने दर्ज करायी थी और दावा किया था कि शाह ने पूर्वी मिदनापुर जिले के कोंतई में 29 जनवरी को एक जनसभा में मानहानिपूर्ण और भड़काऊ बयान दिये।
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शिकायतकर्ता ने कहा कि शाह के भाषण ने भाजपा कार्यकर्ताओं को भड़काया जिन्होंने यहां से करीब 170 किलोमीटर दूर स्थित कोंतई नगर में तृणमूल कांग्रेस पार्टी के एक कार्यालय में तोड़फोड़ की और कई मोटरसाइकिलों को आग लगा दी। इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि शाह के भाषण से ‘‘राज्य के लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़कीं।’’
शाह के वकीलों वाई जे दस्तूर और फिरोज इदुलजी ने प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध करते हुए कहा कि प्राथमिकी से कोई मामला नहीं बनता और आरोप महत्वहीन और मनगढंत हैं।
अनुरोध सुनने के बाद न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता ने पुलिस को प्राथमिकी से संबंधित केस डायरी बृहस्पतिवार को पेश करने का निर्देश दिया जब मामले पर फिर से सुनवायी होगी।


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