पुडुचेरी, 9 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को पुडुचेरी पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ प्रदान किए जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि कम संसाधनों के बावजूद पुडुचेरी पुलिस ने मेहनत, वीरता, सेवा और समर्पण से यह सम्मान अर्जित किया है।
पुडुचेरी में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने पुलिस को राष्ट्रपति का चिह्न भेंट किया।
अमित शाह ने कहा, “राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्रालय की ओर से मैं पुडुचेरी के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेश की सरकार, पुडुचेरी पुलिस और पुडुचेरी के लोगों को इस बड़ी उपलब्धि के लिए दिल से बधाई देता हूं।”
उन्होंने कहा कि 5,000 से कम कर्मियों वाली पुडुचेरी पुलिस ने कड़ी मेहनत, वीरता, सेवा भाव और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। इसी वजह से उसे यह सम्मान मिला। साथ ही पुलिस ने पुडुचेरी की आध्यात्मिक विरासत की रक्षा भी की है।
अमति शाह ने कहा, “आज आप सभी को ‘राष्ट्रपति कलर’ का बड़ा सम्मान मिलने पर बहुत-बहुत बधाई। हमारा पुडुचेरी दक्षिण भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है।”
बता दें कि ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ भारत में किसी पुलिस बल या सैन्य इकाई को मिलने वाला सर्वोच्च सम्मान है। इसे ‘निशान’ भी कहा जाता हैं। यह पुरस्कार बेहतरीन काम, बहादुरी, अनुशासन और अच्छी सेवा के लिए दिया जाता है।
गृह मंत्री ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ किसी फाइल या सरकारी आदेश से नहीं मिला है। यह पुलिस के कठिन परिश्रम, वीरता, सेवा और समर्पण से मिला है। उन्होंने कहा कि पुडुचेरी पुलिस की बहादुरी और समर्पण पुलिस के इतिहास में ‘स्वर्णिम अध्याय’ के रूप में याद रखा जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि पुडुचेरी की आध्यात्मिक चेतना को श्री अरबिंदो और श्री मां के आश्रम से ताकत मिली है। इसी ने देश को आध्यात्मिक दिशा दी है।
उन्होंने कहा, “230 साल तक फ्रांसीसी शासन के अधीन रहने के बावजूद पुडुचेरी ने अपनी भारतीयता और आध्यात्मिक ऊर्जा को बचाकर रखा है।”
अमित शाह ने कोरोना महामारी के दौरान पुडुचेरी पुलिस के काम की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “जब कोरोना पूरी दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बन गया था, तब मैं गृह मंत्रालय से सभी राज्यों और खासकर केंद्र शासित प्रदेशों की स्थिति की नियमित समीक्षा करता था। उन मुश्किल दिनों में पुडुचेरी पुलिस सबसे आगे खड़ी रही। बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं की सेवा में उसने बड़ी बहादुरी दिखाई। मैं हमेशा आपकी निष्ठा और समर्पण को याद रखूंगा।”
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने ब्रिटिश कालीन कानूनों को बदलकर तीन नए भारतीय आपराधिक कानून लागू किए हैं। इन कानूनों का उद्देश्य सजा देना नहीं, बल्कि नागरिकों को न्याय देना है।
उन्होंने कहा, “नए कानून तीन स्तंभों पर आधारित हैं, जिनमें टेक्नोलॉजी, टाइमलाइन और ट्रस्ट शामिल हैं। अब न्याय प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी।”
–आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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