दिल्ली पुलिस का डिजिटल परफॉर्मेंस शानदार, सीसीटीएनएस प्रगति डैशबोर्ड पर लगातार छठी बार नंबर-वन

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नई दिल्ली, 1 मई (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर तकनीक आधारित पुलिसिंग और डेटा मैनेजमेंट में अपनी बादशाहत साबित की है। सीसीटीएनएस प्रगति डैशबोर्ड पर 100 प्रतिशत अंक हासिल कर दिल्ली पुलिस ने देशभर के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पहला स्थान प्राप्त किया है। खास बात यह है कि दिल्ली पुलिस ने यह उपलब्धि लगातार छठी बार हासिल की है। इससे पहले भी दिल्ली पुलिस ने अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2025 में लगातार तीन महीने 100 प्रतिशत स्कोर हासिल किया था। इसके बाद जनवरी और फरवरी 2026 में भी पहला स्थान बरकरार रखा। अब मार्च 2026…

नई दिल्ली, 1 मई (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर तकनीक आधारित पुलिसिंग और डेटा मैनेजमेंट में अपनी बादशाहत साबित की है। सीसीटीएनएस प्रगति डैशबोर्ड पर 100 प्रतिशत अंक हासिल कर दिल्ली पुलिस ने देशभर के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पहला स्थान प्राप्त किया है। खास बात यह है कि दिल्ली पुलिस ने यह उपलब्धि लगातार छठी बार हासिल की है।

इससे पहले भी दिल्ली पुलिस ने अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2025 में लगातार तीन महीने 100 प्रतिशत स्कोर हासिल किया था। इसके बाद जनवरी और फरवरी 2026 में भी पहला स्थान बरकरार रखा। अब मार्च 2026 में भी टॉप पोजिशन हासिल कर दिल्ली पुलिस ने डिजिटल पुलिसिंग और डेटा प्रबंधन में अपनी निरंतर उत्कृष्टता को साबित किया है।

यह सफलता ‘नवीन न्याय संहिता’ के प्रभावी क्रियान्वयन और सीसीटीएनएस (अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं प्रणालियां) तथा आईसीजेएस (अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली) जैसे राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म के बेहतर उपयोग का नतीजा है।

प्रगति डैशबोर्ड, जिसे गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) मॉनिटर करते हैं, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का मूल्यांकन कई अहम मानकों पर करता है। इनमें पुलिस स्टेशनों की कनेक्टिविटी, डिजास्टर रिकवरी सेंटर की स्थापना, डेटा एंट्री की गुणवत्ता, पुराने डेटा का माइग्रेशन, स्टेट डेटा सेंटर और नेशनल डेटा सेंटर के बीच डेटा सिंक्रोनाइजेशन, कोर्ट में एफआईआर की इलेक्ट्रॉनिक सबमिशन, नागरिक सेवाएं और आईसीजेएस की नियमित समीक्षा बैठकें शामिल हैं।

दिल्ली पुलिस की इस उपलब्धि में क्राइम ब्रांच की सीसीटीएनएस टीम की अहम भूमिका रही। टीम ने डेटा की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी, जिलों और थानों के साथ रियल-टाइम समन्वय किया, तकनीकी समस्याओं का समय पर समाधान निकाला और अधिकारियों को नियमित प्रशिक्षण दिया।

सभी जिलों के पुलिसकर्मियों के प्रयास भी इस सफलता के पीछे रहे। उन्होंने तय समयसीमा का पालन करते हुए जांच से जुड़े रिकॉर्ड समय पर अपडेट किए, डेटा का डिजिटलीकरण किया और तकनीकी टीमों के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखा।

इस उपलब्धि में डीसीपी/सीसीटीएनएस आदित्य गौतम, एसीपी/सीसीटीएनएस मुकेश राठी और इंस्पेक्टर राजीव श्रीवास्तव की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने रणनीतिक मार्गदर्शन और बेहतर समन्वय के जरिए इस सफलता को संभव बनाया।

दिल्ली पुलिस के आयुक्त सतीश गोल्छा ने सभी जिलों, यूनिट्स और सीसीटीएनएस टीम को बधाई देते हुए उनकी मेहनत, प्रोफेशनलिज्म और टीमवर्क की सराहना की। उन्होंने कहा कि इसी तरह के उच्च मानकों को बनाए रखना जरूरी है, ताकि तकनीक आधारित और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को और मजबूत किया जा सके।

दिल्ली पुलिस ने भरोसा जताया है कि वह भविष्य में भी आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रक्रियाओं के जरिए लोगों को सुरक्षित और बेहतर सेवाएं देती रहेगी।

–आईएएनएस

वीकेयू/पीएम

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