Delhi : भारतीय फिल्म उद्योग की बेहतरी के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को दो बड़े फैसले लिए। पहले फैसले में जहां सिनेमा की बेहतरी के लिए प्रसून जोशी की अध्यक्षता में एक समूह का गठन किया गया, जो इस मुद्दे पर मंत्रालय को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देगा। इससे न केवल भारतीय फिल्म उद्योग को बढ़ाने में मदद मिलेगी बल्कि देश भर में सिनेमा स्क्रीन की संख्या बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में ये फैसला लिया गया। यह समूह भारतीय सिनेमा के सामने मौजूद अवसरों और चुनौतियों का अध्ययन करेगा। यह इस क्षेत्र को मजबूत करने के उपाय सुझाएगा। यह भारतीय फिल्मों को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए भी कदम सुझाएगा।
मंत्रालय ने मॉडल नियमों का एक सेट किया तैयार
वहीं दूसरे फैसले के तहत सभी राज्यों में सिनेमा और थियेटरों के लिए एक मॉडल नियम तैयार किया गया है, जो सभी राज्यों में समान रुप से लागू होगा। बता दें कि अभी तक सिनेमा और थिएटर का नियमन राज्य सूची के अंतर्गत आता है। विभिन्न राज्य सिनेमा और थिएटर के लिए आवश्यक विभिन्न अनुमतियों के लिए अलग-अलग नियमों का पालन करते हैं। यह विशेष रूप से छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में सिनेमा बुनियादी ढांचे के विकास में एक बड़ी बाधा रही है।
सिनेमा बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने के लिए, मंत्रालय ने मॉडल नियमों का एक सेट तैयार किया है। ये नियम सभी हितधारकों से बातचीत के बाद तैयार किए गए थे। मंत्रालय ने अब ये मॉडल राज्य सिनेमा नियमन सभी राज्य सरकारों को भेज दिए हैं। राज्यों से इन्हें अपनाने का अनुरोध किया गया है। मंत्रालय इन नियमों को लागू करने में राज्यों की मदद भी करेगा।
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